कानपुर देहात के भोगनीपुर तहसील क्षेत्र के बरौर कस्बे में पौष पूर्णिमा के अवसर पर रामलीला का आयोजन किया गया। इस दौरान धनुष भंग का मंचन हुआ, जो वर्षों से चली आ रही एक प्राचीन परंपरा का हिस्सा है। रामलीला मंचन में मिथिला नरेश जनक का दरबार सजाया गया। माता जानकी के स्वयंवर के लिए भगवान शिव के दिव्य धनुष “अजगव” को वेदिका पर स्थापित किया गया। आयोजकों ने इस दृश्य को पारंपरिक और शास्त्रीय विधि से प्रस्तुत किया। गुरु विश्वामित्र की आज्ञा पाकर मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम अपने अनुज लक्ष्मण के साथ धनुष यज्ञ स्थल की ओर बढ़े। मंच से गूंजते संवादों और संगीत ने वातावरण को भक्तिपूर्ण बना दिया। संध्यावंदन और गुरु आज्ञा पालन का दृश्य भी प्रस्तुत किया गया। रामलीला के इस प्रसंग को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण उपस्थित रहे। यह आयोजन बरौर कस्बे की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को दर्शाता है।
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