कानपुर के कल्याणपुर आवास विकास-3 की रहने वाली महिला ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न, बेटा न होने पर प्रताड़ना, मारपीट और जबरन गर्भपात कराने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक उसकी शादी 17 फरवरी 2012 को हुई थी। शादी में पिता ने अपनी हैसियत से बढ़कर खर्च किया, लेकिन बेटी के जन्म के बाद ही हालात बदल गए। 28 फरवरी 2013 को पहली बेटी आस्था पैदा हुई तो ससुराल वाले नाराज हो गए। बेटा न होने का ताना देकर देखभाल बंद कर दी गई। हालत इतनी बिगड़ी कि नवजात को महज 14 दिन की उम्र में मायके भेज दिया गया, जहां इलाज से उसकी जान बची। आरोप है कि इसके बाद जब भी वह गर्भवती हुई, ससुरालियों ने ओझा-तांत्रिकों के बहकावे में आकर लड़की होने की बात कहकर दो बार जबरन गर्भपात करा दिया। विरोध करने पर तलाक की धमकी दी जाती रही। चौथी बार गर्भवती होने पर वह मायके चली गई, जहां 7 फरवरी 2019 को दूसरी बेटी शिविका का जन्म हुआ। कुछ समय बाद पति उसे वापस ससुराल लाया और कोचिंग सेंटर खोलने के नाम पर पिता से 80 हजार रुपये ले लिए। इसके बाद अलग-अलग बहानों से कुल 3.60 लाख रुपये और ले लिए गए, लेकिन आज तक वापस नहीं किए। पीड़िता का कहना है कि सास, ससुर, पति, देवर और देवरानी लगातार गाली-गलौज और मारपीट करते थे। बेटियों को लेकर भी अपमानजनक बातें कही जाती थीं। ननद फोन पर पति को दूसरी शादी के लिए उकसाती थी। कई बार पति पैसे न मिलने पर बच्चों समेत छोड़कर चला जाता था और घर में न राशन छोड़ता था, न खर्च। होली पर जब भाई हालचाल लेने पहुंचा तो उससे दो लाख रुपये मांगे गए। मना करने पर हमला कराने की कोशिश हुई। दीपावली के दिन बेटियों को प्रसाद देने पर ससुरालियों ने बेरहमी से पीटा और रात में ही घर से निकाल दिया। इस मामले में एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सभी आरोपों की जांच की जा रही है।
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