सोनभद्र पुलिस ने कफ सीरप तस्करी के मास्टरमाइंड भोला प्रसाद जायसवाल को कोलकाता से गिरफ्तार किया है। आरोपी विदेश भागने की फिराक में था। पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय और क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में गठित सोनभद्र पुलिस, एसआईटी और एसओजी टीम ने वाराणसी निवासी भोला प्रसाद जायसवाल (पुत्र रामदयाल, ए-924/जे, कायस्थ टोला, प्रहलाद घाट, आदमपुर) को पकड़ा। गिरफ्तारी के बाद कोलकाता में ट्रांजिट रिमांड के लिए न्यायालय में आवेदन किया गया है, जिसके बाद उसे सोनभद्र लाया जाएगा। यह मामला 18 अक्टूबर 2025 को सोनभद्र में चेकिंग के दौरान दो कंटेनरों से 1,19,675 कफ सीरप की शीशियां बरामद होने के बाद सामने आया था। आरोपियों बृज मोहन और शिवहरि से मिली जानकारी के आधार पर सोनभद्र पुलिस ने गाजियाबाद में भी संयुक्त कार्रवाई कर चार ट्रकों से भारी मात्रा में कफ सीरप और 20 लाख रुपये नकद बरामद किए थे। जांच में खुलासा हुआ कि भोला प्रसाद जायसवाल मेसर्स शैली ट्रेडर्स, रांची (झारखंड) के माध्यम से कफ सीरप की नकली बिलिंग कर विभिन्न जिलों में अवैध रूप से वितरित कर रहा था। एसआईटी जांच में भदोही, चंदौली, वाराणसी और सोनभद्र जिलों में लगभग 25 करोड़ रुपये के फर्जी लेनदेन का पर्दाफाश हुआ। इनमें से अधिकांश फर्में कागजों पर ही थीं और उनका कोई वास्तविक अस्तित्व नहीं पाया गया। इस मामले से जुड़े बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया है। इस मामले में 29 नवंबर 2025 को ड्रग इंस्पेक्टर राजेश मौर्य ने थाना रॉबर्ट्सगंज में विभिन्न धाराओं सहित NDPS एक्ट की धारा के अंतर्गत मामला दर्ज कराया था। एफआईआर में बताया गया है कि ग्राम बरकरा की फर्जी फर्म ‘माँ कृपा मेडिकल’ और ‘मेसर्स शिवक्षा प्रा0 लिमिटेड’ ने 1 अप्रैल 2024 से 23 अगस्त 2025 के बीच 7,53,000 फेनसेडिल सीरप की शीशियां अवैध रूप से काले बाजार में बेची थीं। इन्हीं गंभीर आरोपों के आधार पर भोला प्रसाद जायसवाल को गिरफ्तार किया गया है। भोला प्रसाद जायसवाल चंदौली, जौनपुर और गाजीपुर सहित कई अन्य जिलों में भी वांछित था।
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