कन्नौज में लूट के एक मामले में पूर्व सपा नेता और गैंगस्टर नवाब सिंह यादव के करीबियों के ठिकानों पर पुलिस ने शनिवार देर रात दबिश दी। यह कार्रवाई बांदा जेल में बंद नवाब सिंह यादव और कौशांबी जेल में बंद उनके भाई नीलू यादव से जुड़े एक मामले में की गई है। हालांकि, पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने से बचती रही। पुलिस ने 6 नवंबर 2025 को नवाब सिंह यादव और नीलू यादव के खिलाफ लूट की एफआईआर दर्ज की थी। इस एफआईआर में नवाब और नीलू के अलावा उनके पांच साथियों सचिन यादव, सुरजीत यादव, प्रदीप यादव, विराट मौर्य और शिवम दुबे के नाम भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 13 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। इन आरोपियों की धरपकड़ के लिए कोतवाली पुलिस और एसओजी टीम ने शनिवार देर रात उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। मकरंदनगर क्षेत्र के मोहल्ला कुतुलूपुर में नीलू यादव के एक करीबी की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी गई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस टीमों ने इस दौरान मीडिया से दूरी बनाए रखी और अधिकारियों ने कार्रवाई के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी। यह कार्रवाई दो साल पुराने एक मामले से जुड़ी है। शहर के छिपट्टी मोहल्ला निवासी विशाल यादव ने 6 नवंबर 2025 को पुलिस को तहरीर दी थी, जिसमें नवाब, नीलू और उनके समर्थकों पर मारपीट और लूटपाट का आरोप लगाया गया था। यह घटना 19 नवंबर 2023 को देवधरापुर गांव स्थित विशाल के ईंट भट्टे पर हुई थी। आरोप है कि नवाब-नीलू के प्रभाव के कारण उस समय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की थी, जिसके डर से विशाल को परिवार सहित कन्नौज छोड़कर जाना पड़ा था। गौरतलब है कि नवाब सिंह यादव वर्तमान में जेल में बंद हैं। उन्हें 11 अगस्त 2024 की रात एक नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। नाबालिग ने अपनी बुआ के साथ चौधरी चंदन सिंह महाविद्यालय पहुंचकर 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी थी, जिसके बाद पुलिस ने दबिश देकर नवाब सिंह को आपत्तिजनक हालत में एक कमरे से गिरफ्तार किया था। तब से वह लगातार जेल में हैं।
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