फतेहपुर में कछुआ तस्करी के एक बड़े मामले में वन विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। रेलवे स्टेशन पर 148 जीवित कछुओं के साथ पकड़े गए दो तस्करों में से एक मुख्य अभियुक्त वनकर्मियों की हिरासत से फरार हो गया। यह घटना बुधवार सुबह उस समय हुई, जब आरपीएफ और जीआरपी द्वारा पकड़े गए आरोपियों को आगे की कार्रवाई के लिए वन विभाग को सौंपा गया था। बताया गया है कि गिरफ्तार तस्कर उमेश कंजड़, जो सुल्तानपुर जिले के महेसुवा गांव का निवासी है। उसको वन विभाग की टीम ने अपनी हिरासत में लिया था। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने टीम को चकमा दिया और मौके से फरार हो गया। इस फरारी की सूचना मिलते ही विभाग में हड़कंप मच गया। एक दिन पहले आरपीएफ और जीआरपी ने फतेहपुर रेलवे स्टेशन पर चेकिंग के दौरान लगभग 40 लाख रुपये मूल्य के 148 कछुए बरामद किए थे। इन कछुओं को पश्चिम बंगाल ले जाया जा रहा था। दोनों तस्करों को मौके पर गिरफ्तार कर वन विभाग के सुपुर्द किया गया था, लेकिन विभागीय ढिलाई के कारण मुख्य अभियुक्त भागने में सफल रहा। डीएफओ जे डी मिश्रा ने इस मामले की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि फरार आरोपी की तलाश की जा रही है और वन विभाग की ओर से पुलिस को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। साथ ही, पूरे मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। डीएफओ ने यह भी स्वीकार किया कि प्रारंभिक जांच में एक वनकर्मी की भूमिका संदिग्ध पाई गई है, जिसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। फरार अभियुक्त के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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