महराजगंज में अनुपूरक पुष्टाहार (टीएचआर) के ऑनलाइन वितरण में लगातार लापरवाही सामने आने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश कुमार ने सख्त कार्रवाई की है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार निदेशक, उत्तर प्रदेश के निर्देशों के अनुसार, जिले में टीएचआर का शत-प्रतिशत वितरण केवल फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) के माध्यम से ही मान्य होगा। मैनुअल या ऑफलाइन वितरण को गंभीर अनियमितता माना जाएगा। विभागीय समीक्षा में पाया गया कि 29 नवंबर 2025 को कारण बताओ नोटिस और 11 व 15 दिसंबर को बार-बार चेतावनी के बावजूद व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। पोषण ट्रैकर के आंकड़ों के अनुसार, 21 दिसंबर 2025 तक जिले के कुल 1,38,663 पात्र लाभार्थियों में से केवल 35,927 (25.91 प्रतिशत) को ही एफआरएस के माध्यम से टीएचआर वितरित किया गया। कई परियोजनाओं में वितरण प्रतिशत पांच से 20 के बीच रहा, जिसे विभाग ने असंतोषजनक बताया है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, 22 दिसंबर 2025 को जिला कार्यक्रम अधिकारी ने जिले के सभी 13 बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) और मुख्य सेविकाओं सहित कुल 47 कर्मियों का वेतन बाधित कर दिया था। इसके बावजूद कार्य में अपेक्षित तेजी नहीं आने पर विभाग ने अब और कड़ा रुख अपनाया है। ताजा आदेश के तहत सभी 13 सीडीपीओ और 34 सुपरवाइजरों को अंतिम नोटिस जारी किया गया है। जारी नोटिस में तीन दिनों के भीतर एफआरएस के माध्यम से शत-प्रतिशत टीएचआर वितरण सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसमें यह भी साफ किया गया है कि पोषण ट्रैकर में केवल उसी माह की प्रविष्टि मान्य होगी, बैक-एंट्री की कोई व्यवस्था नहीं है, और ऑफलाइन वितरण पूरी तरह अवैध है। अधिकारियों को गोदामों में प्राप्त पोषाहार का समय से सत्यापन, आंगनबाड़ी केंद्रों तक समयबद्ध आपूर्ति और विशेष अभियान चलाकर शेष टीएचआर वितरण के निर्देश भी दिए गए हैं। चेतावनी दी गई है कि तय समयसीमा में सुधार नहीं होने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
https://ift.tt/7Tej36W
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply