अलीगंज विधानसभा क्षेत्र में समाजवादी पार्टी (सपा) के सक्रिय कार्यकर्ता व्यापारी मुकेश यादव उर्फ मुक्का के ईंट भट्ठे पर खनन विभाग ने कार्रवाई की है। राई गांव स्थित खाटूश्याम ईंट उद्योग पर शुक्रवार दोपहर हुई इस कार्रवाई में एक जेसीबी मशीन और मिट्टी मिलाने वाले मिक्सर को जब्त कर थाने में सीज कर दिया गया। खनन अधिकारी के अनुसार, यह कार्रवाई खनन रॉयल्टी और पर्यावरण प्रमाण पत्र जमा न होने के कारण की गई है। कार्रवाई के बाद मुकेश यादव अलीगंज कोतवाली पहुंचे और खनन अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखते हुए इसे गलत बताया। यह कार्रवाई नायब तहसीलदार सतीश कुमार और खनन अधिकारी एजाज खान ने संयुक्त रूप से की। खनन अधिकारी ने बताया कि उन्हें एक लिखित शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर दस्तावेजों की जांच के बाद यह कदम उठाया गया। व्यापारी और सपा नेता पर हुई इस कार्रवाई से अलीगंज की राजनीति गरमा गई है। स्थानीय लोग इस घटना को समाजवादी पार्टी की आंतरिक कलह का परिणाम मान रहे हैं। SIR को लेकर पार्टी के दो नेताओं में ठनी दरअसल, सपा की यह आंतरिक कलह तब सामने आई जब चुनाव आयोग ने प्रदेश भर में एसआईआर (मतदाता सूची पुनरीक्षण) का कार्य शुरू किया। फर्रुखाबाद के लोकसभा प्रत्याशी और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी डॉ. नवल किशोर ने पार्टी के निर्देश पर मुकेश यादव उर्फ मुक्का को अलीगंज विधानसभा का एसआईआर मुख्य प्रहरी नियुक्त किया था। यह सूची डेढ़ माह पूर्व सार्वजनिक हुई थी, जिसके बाद सपा नेताओं में हलचल बढ़ गई थी। राजनीतिक में नए चेहरों की बढ़ती लोकप्रियता को दबाने के प्रयास किए जाने लगे। सपा के जिलाध्यक्ष परवेज जुबैरी ने डॉ. नवल किशोर द्वारा जारी की गई इस सूची को खारिज कर दिया था। विधायक रह चुके रामेश्वर यादव के बिना विचार विमर्श कर सूची जारी करने का हवाला दिया। एस आई आर की प्रहरी सूची खारिज कर दी। सूची जारी करने और खारिज करने के पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हैं। हाल में ही सपा नेता और पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव जो कि पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव के छोटे भाई हैं। उन्होंने पार्टी में मौजूद कुछ लोगों को भरे मंच से जयचंद भी बताया था हालांकि ये पार्टी की जयचंद्र कौन है किसकी ओर इशारा था ये साफ नहीं हो पाया है। उन्होंने पार्टी में शामिल नेताओं को जयचंद बताते हुए दिन में सपा का बताया और रात को भाजपा का बताते हुए कार्यकर्ताओं से सावधान रहने की अपील की थी। पोस्टर से पूर्व विधायक का नाम गायब सपा कार्यकर्ता और विधान सभा अलीगंज के नए सपा प्रत्याशी के दावेदार माने जाने वाले मुकेश यादव उर्फ मुक्का ने नववर्ष की शुभकामना पोस्टर विधानसभा अलीगंज में लगवाए जिनमें सपा के पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके परिवार के फोटो गायब दिखाई दिए है। वही मुकेश यादव की ईंट भट्ठे पर हुई कार्यवाही के बाद सोशल मीडिया पर एक्टिव लोगों ने भी इस कार्यवाही को पार्टी की अंतर्कलह माना है और पोस्ट की है वीर बहादुर ने अपने फेसबुक आई डी से पोस्ट कर राजनैतिक प्रतिद्वंद्विता की ओर इशारा किया है। हालांकि इस प्रकरण पर मुकेश यादव का मानना है कि उन्हें गलत तरीके से परेशान किया जा रहा है आर्थिक नुकसान पहुंचाने के लिए ये शिकायत की गई है उन्होंने कहा कि इस कार्यवाही का वह मुंहतोड़ जवाब कानूनी तरीके से देंगे।
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