एटा जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह के निर्देश पर नगर पालिका परिषद जलेसर परिसर में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत एक जन-जागरूकता अभियान और शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को स्वच्छ ऊर्जा, कम बिजली बिल और सरकारी सब्सिडी के बारे में जानकारी देकर अधिक से अधिक लोगों को योजना से जोड़ना था।
जागरूकता शिविर में उप जिलाधिकारी/परियोजना अधिकारी नेडा, पीयूष रावत ने उपस्थित नागरिकों को संबोधित किया। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना परिवारों को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। रावत ने जानकारी दी कि सोलर पैनल लगाने की लागत मात्र 2 से 3 वर्षों में वसूल हो जाती है, जिसके बाद घरेलू बिजली बिल लगभग शून्य हो जाता है। उन्होंने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सरकार द्वारा सोलर प्लांट की क्षमता के अनुसार भारी सब्सिडी प्रदान की जा रही है। यह सब्सिडी डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। रावत ने बताया कि 01 किलोवाट सोलर प्लांट पर ₹65,000 की लागत में ₹45,000 की सब्सिडी मिलती है, जबकि 02 किलोवाट सोलर प्लांट पर ₹1,30,000 की लागत में ₹90,000 की सब्सिडी दी जाती है। इसी प्रकार, 03 किलोवाट सोलर प्लांट पर ₹1,80,000 की लागत में ₹1,08,000 की सब्सिडी प्रदान की जा रही है। इसका अर्थ है कि 03 किलोवाट सोलर पैनल लगवाने पर उपभोक्ता को केवल लगभग ₹72,000 की वास्तविक लागत वहन करनी पड़ती है। इसके अतिरिक्त, बैंकों द्वारा ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। पीयूष रावत ने नागरिकों से अपील की कि वे नेडा विभाग से संपर्क कर अथवा नेशनल पोर्टल https://ift.tt/POZlGu9 पर ऑनलाइन आवेदन कर इस योजना का लाभ उठाएं।
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