उन्नाव में धान खरीद की धीमी गति पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। शनिवार को जिलाधिकारी (डीएम) और अपर जिलाधिकारी (एडीएम) ने विभिन्न धान क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने व्यवस्था में ढिलाई और बेहद कम खरीद पर नाराजगी व्यक्त की। सरकारी समर्थन मूल्य (एमएसपी) ₹2379 से ₹2385 प्रति क्विंटल निर्धारित है, जबकि खुले बाजार में धान ₹1800 से ₹2000 प्रति क्विंटल बिक रहा है। एमएसपी और बाजार भाव के इस बड़े अंतर से किसान परेशान हैं, जिसके कारण वे सरकारी केंद्रों पर धान नहीं पहुंचा पा रहे हैं। जिले में अब तक केवल 1685 मीट्रिक टन (एमटी) धान की खरीद हुई है, जबकि इस सीजन के लिए 35,000 एमटी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। धीमी प्रगति पर डीएम ने अगले 3-4 दिनों तक सभी टीमों को पूरी तरह सतर्क रहने का निर्देश दिया। अधिकारियों को किसानों से सीधा संवाद बढ़ाने के लिए कहा गया है, ताकि उन्हें खरीद प्रक्रिया, टोकन, भुगतान और गुणवत्ता मानकों की सही जानकारी मिल सके। प्रशासन अब स्थानीय स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की तैयारी में है। डीएम ने बताया कि ग्राम प्रधानों, पूर्व प्रधानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मदद से अधिक से अधिक किसानों को क्रय केंद्रों तक लाया जाएगा। अगले 10-15 दिन धान खरीद का चरम (पीक) सीजन होगा, और इस दौरान प्रशासन अधिकतम लक्ष्य प्राप्त करने के लिए ‘बेस्ट यूटिलाइजेशन’ रणनीति पर काम करेगा। नवीन मंडी परिसर में अवैध अतिक्रमण की शिकायतें भी प्रशासन तक पहुंच रही थीं। किसानों ने बताया कि अतिक्रमण के कारण ट्रॉली लगाने, धान उतारने और आना-जाना में परेशानी होती है। इस पर डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट को 10-15 दिनों के भीतर विशेष अभियान चलाकर मंडी से अतिक्रमण हटाने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने चेतावनी दी कि आवश्यकता पड़ने पर सख्त कार्रवाई भी की जाएगी, ताकि मंडी की मूल व्यवस्था बहाल हो सके और किसानों को असुविधा न हो।
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