संतकबीरनगर जिला उपभोक्ता आयोग ने ई-रिक्शा के कागजात एआरटीओ साइट पर अपलोड न करने के मामले में एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग ने वाहन विक्रेता एजेंसी को ई-रिक्शा के प्रपत्र अपलोड करने और उपभोक्ता को 60 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति अदा करने का आदेश दिया है। यह आदेश आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह और महिला सदस्य संतोष ने दिया। यह मामला कोतवाली खलीलाबाद थानाक्षेत्र के मोहल्ला पठान टोला निवासी मो. इश्तियाक से संबंधित है। उन्होंने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। मो. इश्तियाक ने अपने पुत्र मो. राशिद के रोजगार के लिए 18 जुलाई 2024 को गोरखपुर स्थित स्काई इंटरप्राइजेज से अटूट संगम कंपनी का एक ई-रिक्शा 1 लाख 31 हजार रुपये में खरीदा था। खरीद के बाद एजेंसी कर्मियों ने वाहन से संबंधित एक फाइल बनाकर दी और उसे संतकबीरनगर के एआरटीओ कार्यालय में जमा करने को कहा। इश्तियाक ने कागजात जमा कर दिए, लेकिन उन्हें पंजीयन प्रमाण पत्र नहीं मिल पाया। इसका कारण यह था कि एजेंसी ने वाहन के कागजात एआरटीओ की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किए थे। बार-बार शिकायत के बावजूद कागजात अपलोड नहीं किए गए, जिसके बाद उन्हें वाद दाखिल करने के लिए मजबूर होना पड़ा। न्यायालय ने पत्रावली पर दाखिल सभी प्रपत्रों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद वाहन एजेंसी के खिलाफ फैसला सुनाया। आयोग ने एजेंसी को वाहन से संबंधित प्रपत्र तत्काल एआरटीओ कार्यालय की वेबसाइट पर अपलोड करने का निर्देश दिया है। इसके अतिरिक्त, उपभोक्ता को हुई असुविधा और क्षति के लिए 60 हजार रुपये की क्षतिपूर्ति अदा करने का भी आदेश दिया गया है।
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