चेन्नई से वाराणसी जा रही इंडिगो की एक उड़ान को खराब मौसम के कारण लखनऊ डायवर्ट किया गया। लखनऊ पहुंचने के बाद एयरलाइन ने उड़ान को निरस्त करना पड़ा। यहां से यात्रियों को दो बसों के जरिये वाराणसी भेजने की व्यवस्था की गई। 30 दिसंबर की सुबह वह बस लखनऊ से निकलते ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई। उसके बाद यात्रियों की सुरक्षा और एयरलाइन प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। नशे में चालक और तेज रफ्तार के आरोप यात्रियों का आरोप है कि बस चालक नशे में थे और घने कोहरे के बावजूद तेज रफ्तार में वाहन चला रहे थे। यात्रियों ने कई बार सुरक्षित और धीमी गति से चलने की अपील की, लेकिन उनकी बात अनसुनी कर दी गई। सबसे अहम बात यह रही कि पूरी व्यवस्था के दौरान इंडिगो का कोई प्रतिनिधि मौके पर मौजूद नहीं था। सुबह 5 बजे हादसा, ठंड में सड़क पर फंसे यात्री यात्रियों के अनुसार 30 दिसंबर की सुबह करीब पांच बजे बस हादसे का शिकार हो गई। कड़ाके की ठंड में यात्री घंटों हाईवे पर खड़े रहने को मजबूर रहे। बाद में 100 से अधिक यात्रियों को उनके सामान के साथ दूसरी बस में ठूंस दिया गया, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को खासा संकट झेलना पड़ा। सोशल मीडिया पर सामने आई आपबीती यात्री गौतम अशोक और किशोर पहानी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पूरी घटना साझा की। उनका कहना है कि इंडिगो कस्टमर केयर को 30 से अधिक कॉल की गईं, लेकिन कहीं से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। मंत्रालय ने दिया जांच का आदेश यात्रियों की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने मामले की जांच का आदेश दे दिया है। मंत्रालय ने एयरलाइन की भूमिका, बस व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा में हुई लापरवाही की पड़ताल शुरू कर दी है।
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