कासगंज जिले के गंजडुंडवारा थाना क्षेत्र में 22 नवंबर 2025 को हुए आवेश हत्याकांड का एसओजी टीम ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक कथित नेता सहित दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से घटना में प्रयुक्त हथियार और अन्य सामान बरामद किया है। यह घटना 22 नवंबर 2025 की है। खरपरा गांव निवासी हरिश्चंद्र शाक्य ने 23 नवंबर को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनका बेटा आवेश शाक्य 22 नवंबर की सुबह करीब 10 बजे गंजडुंडवारा बाजार गया था, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन 23 नवंबर की सुबह करीब 9 बजे आवेश का शव गणेशपुर नहर की कच्ची पटरी के पास मिला था, जिसकी हत्या की गई थी। एसओजी टीम ने इस हत्याकांड का सफल अनावरण करते हुए दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इनमें अमन सिंह उर्फ अभय प्रताप सिंह पुत्र संतोष सिंह और नवनीत शाक्य पुत्र नरेश शामिल हैं। अमन सिंह के पास से एक मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद हुई। उसकी निशानदेही पर मृतक आवेश का टूटा हुआ मोबाइल फोन, एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस (.315 बोर) भी मिला। दूसरे आरोपी नवनीत शाक्य के पास से भी एक मोबाइल फोन, एक अवैध तमंचा, एक जिंदा और एक खोखा कारतूस (.315 बोर) बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी अमन सिंह उर्फ अभय प्रताप सिंह कथित तौर पर नेता बनकर अवैध वसूली करता था। पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि मृतक आवेश का उसके चाचा से नाली का विवाद चल रहा था। आरोपी अमन ने इस विवाद को निपटाने के लिए आवेश के परिवार वालों से पैसे लिए थे। इसके बाद आरोपी अमन ने अपने साथी नवनीत शाक्य के साथ मिलकर 22 नवंबर को आवेश की हत्या कर दी। एसपी शर्मा के अनुसार, आरोपियों ने आवेश की हत्या के बाद, नाली विवाद में शामिल पक्ष (आवेश के चाचा) के खिलाफ झूठी एफआईआर दर्ज करा दी थी। आरोपी अमन का मुख्य मकसद था कि वह आवेश की हत्या में नामजद आरोपियों से भी उनके नाम निकलवाने के एवज में अवैध वसूली कर सके।
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