उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, प्रयागराज के पूर्व अध्यक्ष और शिक्षाविद् प्रो (डॉ) आरपी वर्मा को शिक्षा क्षेत्र में उनके योगदान के लिए बेस्ट एजुकेशन अवार्ड और राष्ट्रीय गौरव आइकॉन अवार्ड ऑफ इंडिया 28 से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार 28 फरवरी को दिल्ली में आयोजित समारोह में ग्लोबल अचीवर्स काउंसिल संस्था प्रदान करेगी। संस्था के ऑफिस सेक्रेटरी जेएस राणा ने यह जानकारी दी। प्रो वर्मा ने संस्था का आभार जताते हुए कहा, “साहित्य के माध्यम से समाज और देश की सेवा सदैव करता रहूंगा।” अम्बेडकर नगर, उत्तर प्रदेश के निवासी प्रो (डॉ) वर्मा ने स्नातक, परास्नातक, एमफिल (हिंदी), नेट, प्रोफिशेंसी (मराठी), शास्त्री, पीएचडी और डीलिट की उपाधियां प्राप्त की हैं। वर्तमान में वे राजकीय महाविद्यालय गोसाईंखेड़ा, उन्नाव में हिंदी विभाग के प्रोफेसर व अध्यक्ष हैं। 2009 से 2011 तक चयन बोर्ड में वरिष्ठ सदस्य और 15 जुलाई 2011 से 28 अगस्त 2012 तक अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने दर्जन भर महत्वपूर्ण सुधार किए। इनमें हेल्पलाइन-हेल्पडेस्क, ऑनलाइन आवेदन, सीसीटीवी कैमरा, गेटपास व्यवस्था, टीजीटी-पीजीटी व प्रधानाचार्य साक्षात्कार में कोडिंग-डीकोडिंग, बोर्ड भवन निर्माण, अभ्यर्थियों को कार्बन कॉपी, पारदर्शिता-सुचिता, 10 लाख अभ्यर्थियों की टीजीटी-पीजीटी परीक्षा (2011), 1360 प्रधानाचार्य पदों की परीक्षा, प्रश्नपत्र गोपनीयता और पेपर लीक रोकना शामिल हैं। 46 वर्षों के करियर में प्रो वर्मा ने 90 पुस्तकें, 148 लेख-शोध पत्र, 101 सेमिनार शोध पत्र प्रकाशित किए। उन्हें 76 राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार मिले। वे सेमिनारों में मुख्य अतिथि-वक्ता रहे और ओरिएंटेशन-रिफ्रेशर कोर्स में सक्रिय योगदान दिया।
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