चंदौली जिला मुख्यालय स्थित पंडित कमलापति जिला चिकित्सालय में आयुष्मान भारत योजना के तहत मुफ्त इलाज के दावे पर सवाल उठ गए हैं। एक मरीज के आयुष्मान कार्ड वॉलेट से बिना पर्ची कटाए और बिना भर्ती किए ही 2310 रुपये की राशि कटने का आरोप सामने आया है। मुगलसराय निवासी अमन कुमार अपने आयुष्मान कार्ड की री-केवाईसी कराने जिला अस्पताल पहुंचे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में केवल उनका अंगूठा लगवाया गया, न तो कोई पर्ची काटी गई और न ही उन्हें भर्ती किया गया। लगभग एक सप्ताह बाद, जब उन्होंने डीजी लॉकर के माध्यम से अपने आयुष्मान कार्ड का बैलेंस चेक किया, तो पता चला कि ‘इंटेरिक फीवर’ के नाम पर उनके वॉलेट से 2310 रुपये काट लिए गए हैं। पीड़ित अमन कुमार ने जब अस्पताल कार्यालय में फोन कर कटौती के संबंध में जानकारी मांगी, तो उन्हें बताया गया कि यह राशि री-रजिस्ट्रेशन शुल्क है और सरकारी खजाने में जाती है। हालांकि, आयुष्मान योजना के नियमों के अनुसार, केवाईसी या री-केवाईसी के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता है।
इस मामले पर जिला अस्पताल के सीएमएस एसपी सिंह से बात करने पर उन्होंने इसे ‘ऑफिशियल भूल’ बताया और किसी ‘कॉन्ट्रैक्चुअल स्टाफ’ की गलती करार दिया। सीएमएस ने अधीनस्थ कर्मचारियों को राशि दुरुस्त करने के निर्देश देने की बात कही। यह बड़ा सवाल है कि बिना पर्ची, बिना भर्ती और बिना किसी चिकित्सकीय प्रक्रिया के आयुष्मान वॉलेट से राशि कैसे कट गई। किसी भी मरीज के आयुष्मान कार्ड से भुगतान के लिए डॉक्टर की एंट्री, अप्रूवल और सिस्टम लॉग आवश्यक होता है, ऐसे में यह राशि किसके आदेश पर निकाली गई। बताया गया है कि जिला अस्पताल के कमरा नंबर 5 से प्रतिदिन 50 से अधिक लोगों की केवाईसी और री-केवाईसी की जाती है। यदि इसी तरह हर मरीज के कार्ड से छोटी-छोटी रकम काटी जा रही है, तो प्रतिदिन लाखों रुपये के संभावित घपले से इनकार नहीं किया जा सकता। यह पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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