सिद्धार्थनगर। आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में बुधवार को न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आठ वर्ष के कठोर कारावास और 30 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। यह फैसला जिला एवं सत्र न्यायालय सिद्धार्थनगर के न्यायाधीश अजय कुमार श्रीवास्तव तृतीय ने सुनाया। यह मामला थाना ढेबरुआ क्षेत्र के केवटलिया गांव से संबंधित है। वर्ष 2020 में आरोपी धर्मराज उर्फ पुजारी पुत्र जगदेव के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और साक्ष्य एकत्र कर आरोपी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाहों के बयान न्यायालय में प्रस्तुत किए। सभी तथ्यों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने आरोपी को दोषी पाया। न्यायाधीश ने धर्मराज उर्फ पुजारी को भारतीय दंड संहिता की धारा 306 के तहत दोषी करार देते हुए आठ वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही, उस पर 30 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस मामले में पुलिस और अभियोजन पक्ष द्वारा लगातार प्रभावी पैरवी की गई। जिला मॉनिटरिंग सेल, अभियोजक राजेश तिवारी और न्यायालय में पैरवी कर रहे मुख्य आरक्षी इमामुद्दीन की इसमें सक्रिय भूमिका रही। उनके प्रयासों से न्यायालय में साक्ष्य और गवाहों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जा सका, जिससे आरोपी के खिलाफ आरोप सिद्ध हुए। न्यायालय के इस फैसले को गंभीर अपराधों के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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