मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार शाम को पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री जी ने अधिकारियों को उत्सव भवन के निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आत्मनिर्भर तभी बन सकता है जब हमारी ग्राम पंचायतें भी आत्मनिर्भर बनें। अतः ग्राम पंचायतों की आय को बढ़ाने के लिये कार्ययोजना बनाकर कार्य करना होगा। मुख्यमंत्री जी ने ग्राम पंचायतों के विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। *व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में पहले पायदान पर उत्तर प्रदेश*बैठक में मुख्यमंत्री जी को अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण का 9.67 लाख निर्माण का लक्ष्य दिया गया था, इसके सापेक्ष अब तक 4.79 लाख शौचालय निर्मित हो चुके हैं। इसी के साथ उत्तर प्रदेश पूरे देश में व्यक्तिगत शौचालय निर्माण में पहले स्थान पर है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में देश में निर्मित कुल 17.26 लाख शौचालयों में से 28 प्रतिशत अकेले उत्तर प्रदेश में निर्मित हुए हैं। अधिकारियों ने बताया कि 282 प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई के निर्माण का लक्ष्य दिया गया था जिसके सापेक्ष 103 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन इकाइयों से 304 विकास खंड और नगरीय एमआरएफ से 515 विकास खंड आच्छादित हैं। वहीं, 132 इकाइयां निर्माणाधीन हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने सभी कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। *राजस्व वसूली को लेकर अधिकारियों के कार्य को सराहा*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष जिला पंचायतों द्वारा राजस्व वसूली का विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष में जिला पंचायतों द्वारा 334.10 करोड़ की राजस्व वसूली प्राप्त हुई थी जो लक्ष्य के सापेक्ष 81.23 प्रतिशत थी। वहीं, वर्तमान वित्तीय वर्ष में नवंबर माह तक 271.48 करोड़ के राजस्व की वसूली हुई है जो लक्ष्य के सापेक्ष 140.89 प्रतिशत है। मुख्यमंत्री जी ने विभागीय अधिकारियों की इस उपलब्धि के लिए सराहना की। साथ ही राजस्व वसूली के कार्यों में तेजी लाने का भी उन्होंने निर्देश दिया। उत्सव स्थलों के हो जनसमुदाय के लिए उपयोग* मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि उत्सव भवन का उपयोग प्राथमिकता के आधार पर मांगलिक कार्यक्रम के लिए किया जाए। उन्होंने कहा कि अन्य दिनों में उत्सव भवन का उपयोग योग/वेलनेस के लिए किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि सहालग के दौरान कई मांगलिक कार्यक्रम होने पर समय तय कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को उत्सव भवन का लाभ दें। ब्लॉक स्तर पर भी योजना का विस्तार किया जाए। *मातृभूमि योजना से ज्यादा से ज्यादा उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को जोड़ें* मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मातृभूमि योजना से उत्तर प्रदेश के प्रवासियों को जोड़ने के निर्देश दिये। उन्हाेंने कहा कि योजना के तहत अपना सहयोग देने वाले प्रवासियों के पूर्वजों के नाम पर परियोजना का नाम रखा जाए। साथ ही उन्हें प्रदेश स्तर पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किए जाए ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लें। *सीवर एवं ग्रे वाटर के ट्रीटमेंट के निस्तारण की समुचित व्यवस्था हो*मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि ग्राम पंचायतों में देश में विकसित व सफल पद्धति के माध्यम से सीवर और ड्रेनेज के पानी को शुद्ध किया जा सकता है और इसका इस्तेमाल खेती के साथ बागवानी के लिए किया जाए। प्रदेश में 160 एफएसटीपी के निर्माण का कार्य अति शीघ्र प्रारंभ किए जाए।उन्हाेंने अधिकारियों से इस ओर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए *डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय सीमा में पूर्ण किए जाए*मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि प्रदेश में 11,350 डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना के सभी कार्यों को गुणवत्तापूर्ण तरीके से समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि डिजिटल लाइब्रेरी में उपयोग होने वाले कंप्यूटर, फर्नीचर की क्वालिटी उत्कृष्ट हो तथा पुस्तकें स्थानीय छात्र छात्राओं की आवश्यकता के अनुरूप हों, इसका विशेष ध्यान दिया जाए। *हर ग्राम पंचायत में बनाया जाए एक इंटीग्रेटेड कैंपस, जहां मिले मूलभूत सुविधाएं* मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि हर ग्राम पंचायत में यथासंभव इंटीग्रेटेड कैंपस बनाया जाए, जहां विद्यालय, उत्सव भवन, खेल के मैदान, ओपन जिम, पार्क, मॉडल शॉप आदि की व्यवस्था हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि इंटीग्रेटेड कैंपस के लिए भूमि के चयन की प्रक्रिया में जनप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जाए। इनका निर्माण ऐसे स्थान पर हो, जहां पर हर किसी की पहुंच आसान हो। *पंचायती राज एक-एक कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए तैयार करें मजबूत सिस्टम*मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में खुली चौपाल व्यवस्था की जाए। इसमें सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में लोगों को बताया जाए। साथ ही लाभार्थियों का सत्यापन व नए लाभार्थियों का चयन किया जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि हर ग्राम पंचायत में ग्राम सचिवालय और अन्य स्थानों पर 15 से 16 लोगों को सरकार द्वारा रोजगार दिया गया है। सरकार की योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए सभी को माध्यम बनाया जाए। मुख्यमंत्री जी ने निर्देश दिए कि पंचायती राज विभाग के सभी अधिकारियों की वर्ष में एक बार लखनऊ में भौतिक रूप से विकास कार्यों की समीक्षा की जाए। इसके अलावा हर माह वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकास कार्यों की समीक्षा कि जाए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पंचायती राज विभाग एक-एक कार्यों की मॉनिटरिंग का एक मजबूत सिस्टम बनाएं ताकि समय से योजनाएं पूरी हो सकें।
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