शाहजहांपुर में शनिवार दोपहर गन्ने से लदा एक ट्रक पलटने से छह भैंसों और चार बकरियों की मौत हो गई। घटना के आठ घंटे बाद भी चीनी मिल या प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद जिला पंचायत सदस्य नीरज मिश्रा ने चीनी मिल के जीएम को फोन पर फटकार लगाई और मुआवजे की मांग की। यह घटना थाना कांट क्षेत्र के ककराही प्राथमिक विद्यालय के पास हुई। पुलिस के अनुसार, ट्रक के नीचे दबने से जानवरों की मौत हुई। कांट पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क से गन्ना हटाने की औपचारिकता पूरी कर लौट गई। इसके बाद चीनी मिल या प्रशासन की ओर से उन परिवारों की कोई सुध नहीं ली गई, जिनके पशु मारे गए थे। बताया जा रहा है कि ये परिवार इन्हीं पशुओं से अपनी आजीविका चलाते थे। ट्रक पलटने से एक व्यक्ति का घर भी क्षतिग्रस्त हुआ है। रात करीब नौ बजे तक जब कोई मदद नहीं पहुंची, तो जिला पंचायत सदस्य नीरज मिश्रा अपने समर्थकों के साथ पीड़ितों से मिलने पहुंचे। अधिकारियों की संवेदनहीनता और मुआवजे की बात न होने पर उनका गुस्सा बढ़ गया। उन्होंने तत्काल चीनी मिल के जीएम और एसडीएम को फोन कर नाराजगी व्यक्त की। मिश्रा ने अपने समर्थकों के साथ मिलकर पलटे हुए ट्रक और गन्ने को हटवाने में भी मदद की। जिला पंचायत सदस्य नीरज मिश्रा ने बताया कि कुल दस भैंसें और चार बकरियां ट्रक पलटने से मरी हैं। उन्होंने कहा कि आठ घंटे बीत जाने के बाद भी न चीनी मिल के जीएम और न ही प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचा। उन्होंने गरीब परिवारों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। फोन पर नीरज मिश्रा ने चीनी मिल के जीएम से कहा कि जीएम साहब आज जो घटना हुई है वह मेरे क्षेत्र में आता है। साढ़े 12 बजे की घटना थी, जीएम साहब आपको यहां पर आना चाहिए था। कम से कम यहां आकर इन लोगों के साथ संवेदना व्यक्त कर देते लेकिन आप ये भी भूल गए। इनका मुआवजा की व्यवस्था कराएं। नीरज मिश्रा ने कहा कि जीएम साहब ये फैक्ट्री आपकी है, आपके उपर भी मुकदमा कराएंगे हम, साढ़े 12 बजे की घटना शाम शात बज चुका है। एक भी कर्मचारी मौके पर देखने नही आया। जीएम साहब जो जानवर मरे हैं उनकी कीमत दिलवाईए। जिनसे आप गन्ना लेते हैं क्या आप उन्ही लोगों को ट्रक से कुचलेंगे। स्थानीय लोग गन्ना हटवा रहे है।जीएम साहब संवेदनाएं रखिए। नीरज मिश्रा ने चेतावनी दी कि जीएम साहब आपकी कोठी के बाहर दस ट्रालियों से आकर बैठेंगे।आपको दिक्कत हो जाएगी। वहीं नीरज मिश्रा ने इसके बाद एसडीएत सदर से फोन पर बात की और फिर ग्रामीणों से मोबाइल का स्पीकर खोलकर बात कराई। एसडीएत ने ग्रामीणों से बात करते हुए दुख जताया ।उन्होंने कहा कि पशुओं के मरने पर उनको जो उचित मुआवजा बनेगा वह दिया जाएगा।
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