आजमगढ़ जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने जिले में अपराधियों के साथ ही पुलिस के भ्रष्टाचार पर भी अभियान चलाया हुआ है। यही कारण है कि जहां अपराधियों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया जा रहा है। वही 5 दिन के भीतर भ्रष्टाचार के आरोप में दो पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। यह दोनों पुलिसकर्मी लालगंज सर्कल के देवगांव कोतवाली क्षेत्र में तैनात थे। जिले में लंबे समय के बाद भ्रष्टाचार के आरोप में संलिप्त पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करा कर उन्हें जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। रिश्वत मांगने के आरोप में सब इंस्पेक्टर भेजा गया जेल जिले के देवगांव कोतवाली क्षेत्र के लालगंज पुलिस चौकी पर तैनात सब इंस्पेक्टर लाल बहादुर द्वारा जेल भेजने की धमकी देने के नाम पर ₹5000 की डिमांड का मामला सामने आया था। मामले की जानकारी मिलते ही एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने सब इंस्पेक्टर लाल बहादुर को 25 नवंबर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। लाल बहादुर पर पुरानी रंजिश में हुई मारपीट के मामले में जेल भेजने की धमकी देकर चार्जशीट लगाने के नाम पर ₹5000 की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। जो कि कदाचार में आता है। आरोपी सब इंस्पेक्टर लाल बहादुर के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारक अधिनियम के तहत मुकदमा भी देवगांव कोतवाली में दर्ज कराया गया है। इस मामले में पीड़ित आकाश चौहान ने जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार से मिलकर अवगत कराया कि ग्राम प्रधान सोनू प्रजापति द्वारा अपने साथियों के साथ पुरानी रंजिश के चलते मारपीट की गई थी। जिसमें चोट लगी थी। इस घटना के संबंध में थाना देवगांव पर तीन नामजद अभियुक्त अभियुक्तों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसकी विवेचना सब इंस्पेक्टर लाल बहादुर प्रसाद द्वारा की जा रही थी। इसी मामले में तीनों अभियुक्तों को जेल भेजने की धमकी देकर चार्जशीट लगाने के नाम पर 5000 की रिश्वत मांगी गई थी। जिसके आधार पर सब इंस्पेक्टर लाल बहादुर को निलंबित किया गया था। गांजे के साथ गिरफ्तार हुआ था CO का पैरोकार जिले के लालगंज क्षेत्राधिकारी कार्यालय में तैनात डाक पैरोकार मुख्य आरक्षी दीपक चौधरी पर गांजे की तस्करी का आरोप लगा था। लालगंज सर्कल के क्षेत्राधिकारी भूपेश कुमार के कार्यालय में तैनात आरक्षी के कब्जे से अवैध गांजा बरामद किया गया था। पुलिस को सूचना मिली कि एक व्यक्ति हाईवे के किनारे आने जाने वाले लोगों को अवैध गांजा बेच रहा है। इस सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। और पूछताछ शुरू कर दी। हिरासत में लिए गए आरोपों की पहचान दीपक चौधरी पुत्र कृष्ण चौधरी वाराणसी के सारनाथ थाना क्षेत्र के रहने वाले के रूप में हुई है। आरोपी दीपक चौधरी क्षेत्राधिकारी कार्यालय में पैरोकार के पद पर कार्यरत था। ऐसे में आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा गया। जिले के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने सभी पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए हैं कि यदि कोई भी पुलिसकर्मी भ्रष्टाचार में संलिप्त पाया जाएगा तो उसके विरुद्ध कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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