आजमगढ़ के कलेक्ट्रेट सभागार में राष्ट्रीय महिला आयोग आपके द्वार कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य ममता कुमारी द्वारा आजमगढ़ मंडल के तीनों जनपद आजमगढ़, मऊ और बलिया से आई हुई महिलाओं की जनसुनवाई की गई। समस्याओं को सुनकर त्वरित एवं निष्पक्ष कार्रवाई करने के निर्देश संबंधित विभाग के अधिकारियों को दिए। ममता कुमारी ने कहा कि भारत सरकार महिलाओं से संबंधित योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी अधिक से अधिक सुनिश्चित करने के लिए तत्पर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुरक्षा दें तथा उन्हें शिक्षित कर आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करें। ताकि उनकी समाज में अधिक से अधिक भागीदारी हो। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग महिलाओं को किसी भी दशा में शाम को थाने पर ना बुलाए। यदि पुलिस के अधिकारी किसी मामले में महिलाओं के घर जाते हैं तो अपने साथ महिला पुलिसकर्मी को लेकर वहां के प्रधान या किसी जिम्मेदार व्यक्ति को अपने साथ ले जाएं। महिला संबंधित बड़ी संख्या में मामले आए सामने
महिला आयोग की सदस्य ने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं से संबंधित बहुत से प्रकरण आयोग के सामने आते हैं। जिससे यह साबित हो रहा है कि यहां की महिलाएं शिक्षित होकर अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आयोग के पास न जाना पड़े तथा उन्हें इधर-उधर न भटकना पड़े। इसलिए उनको वहीं पर न्याय दें। उन्होंने कहा कि महिलाओं से संबंधित केसों की लगातार सुनवाई करें तथा उसको प्रॉपर तरीके से क्या मिलना चाहिए तथा क्या नहीं मिलना चाहिए उसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मानसिक परामर्श दिया जाए। उसके घर परामर्शदात्री को भेज कर प्रशिक्षण दें। महिलाओं को परेशान नहीं देख सकता आयोग आयोग महिलाओं को परेशान नहीं देख सकता है। उन्होंने कहा कि एक-एक केस की जिम्मेदारी लेकर उसका निस्तारण किया जाए, उन्हें किसी भी दशा में दिल्ली न जाना पड़े। ममता कुमारी ने मंडल के तीनों जिले आजमगढ़, मऊ एवं बलिया के अधिकारियों को निर्देश दिया कि महिलाओं से संबंधित जो भी प्रकरण लंबित हैं, उसको एक सप्ताह के अंदर निस्तारित कर अवगत कराया जाए। अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनसुनवाई पोर्टल को भी लगातार देखते रहें तथा महिलाओं से संबंधित आने वाले प्रकरण को गंभीरता से लेकर उसका निस्तारण करें। प्रदेश एवं देश को बाल विवाह मुक्त बनाए रखने में समाज की भागीदारी सुनिश्चित करें। बैठक से पूर्व महिला आयोग की सदस्य द्वारा जिला कारागार आजमगढ़ का भ्रमण भी किया गया। उन्होंने कहा कि महिला बंदियों को साक्षर बनाने के लिए भी आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि कक्षा 8 से 10 तक पढ़ी हुई महिलाओं को स्किल डेवलपमेंट के लिए ट्रेनिंग दें, ताकि वह छुटने के बाद अपना जीवन यापन कर सकें।
इस अवसर पर बाल विवाह मुक्त भारत हस्ताक्षर अभियान के तहत राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य, जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा हस्ताक्षर किया गया। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में अधिकारी उपस्थित रहे।
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