आगरा में बोगस फर्म बनाकर 3.60 करोड़ की इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की चोरी का मामला पुलिस के पास पहुंचा है। मामले में बृहस्पतिवार को राज्य कर अधिकारी की शिकायत पर लोहामंडी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्य संकलन में फर्म बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन की बात की जा रही है। जांच में दस्तावेज फर्जी मिले हैं। राज्य कर अधिकारी खंड-3 विवेक कुमार मित्तल ने डीसीपी सिटी कार्यालय में प्रार्थनापत्र दिया। उन्होंने बताया कि विभाग में पंजीकृत फर्म राधव ट्रेडर्स, फतेहपुर सीकरी के ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज अभिलेखों की जांच की गई। इसमें सामने आया कि फर्म ने 4 दिसंबर 2024 को टिन नंबर प्राप्त किया था। ऑनलाइन आवेदन में फर्म के संचालक के रूप में जाधव रंजीत भाई जस भाई का नाम और सूरत का पता दिया गया था। इसके साथ ही पंजाब नेशनल बैंक की फ्रीगंज शाखा की जानकारी अपलोड की गई थी। जांच के बाद 5 जुलाई को फर्म का पंजीयन निरस्त कर दिया गया। पता चला कि बोगस फर्म बनाकर आईटीसी का दावा किया गया। इससे वर्ष 2024-25 में 3.60 करोड़ रुपए की आईटीसी की चोरी की गई। फर्म भी अस्तित्व में नहीं पाई गई। केस दर्ज करने के साथ ही पुलिस अब आवेदन के लिए उपयोग किए गए मोबाइल नंबर व ई-मेल आईडी के जरिये आरोपियों की तलाश में जुट गई है। अभी और फर्म पर होगी कार्रवाई विभाग की ओर से ऐसी करीब 10 से ज्यादा बोगस फर्म की शिकायत पुलिस से की गई है जिन्होंने फर्जी दस्तावेजों से पंजीकरण कराया। फिर कागजों पर ही करोड़ों रुपए का कारोबार यूपी से दूसरे राज्यों में दिखाकर कर की चोरी की। पुलिस उन मामलों की भी जांच कर रही है। प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस उन मामलों में भी रिपोर्ट दर्ज करेगी।
https://ift.tt/gr3MKWT
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply