आगरा के देयोरेठा गांव नंबर-1 में माध्यमिक विद्यालय है। जहां लगभग 250 बच्चें स्कूल में पढ़ते है। स्कूल के बाहर दो किमी तक जलभराव है। इससे आसपास के 7 हजार लोग प्रभावित है। स्कूल के टीचर ने बताया- जलभराव के कारण बच्चों को स्कूल आने में परेशानी होती है। बारिश में पानी क्लासों में भर जाता है। मानसून में स्कूल का फर्नीचर और साउंड भी खराब हो गया था। बारिश के दिनों में 15-16 दिन तक स्कूल को बंद रखना पड़ता है। स्कूल आने के लिए सड़क पर जगह नहीं रहती है। स्कूल के सभी टिचरों की अपनी गाड़ियां बाहर छोड़ कर आनी पड़ती है। स्कूल में पानी न जाए इसके लिए गेट के आगे मिट्टी डाली है, और एक दिवार लगानी पड़ी है। जिससे पानी न जाए। बच्चे बोले-बारिश में नहीं आते स्कूल,पानी में गिर कर लग जाती है चोट स्कूल के बच्चों ने कहा- लंबे समय से स्कूल के आगे जलभराव की समस्या बनी हुई। आने-जाने में बहुत मुश्किल होती है, यहां तक साइकिल भी नहीं ला पाते है। बच्चे स्कूल आते वक्त पानी में गिर जाते है। हमारी ड्रेस खराब हो जाती है। कई बार तो चोट तक लग गई है। इसके बाद टीचरों ने मिल कर अपने पैसों से मिट्टी डलवाई है। कोई अधिकारी नहीं सुनता है। बारिश में पानी स्कूल के अंदर तक आ पहुंचता है। बैठने के लिए जगह कम पड़ जाती है। जिसकी वजह से कई दिनों तक स्कून बंद रहता है। 7 हजार लोग परेशानी से जूझ रहे स्थानीय लोगों ने बताया- गांव की आबादी 18 हजार है, जहां पानी भरा हुआ है वहां पर 7 हजार लोग परेशानी से जूझ रहे है। सांसद-विधायक ग्राम प्रधान सभी को पत्र लिख कर समस्या से अवगत करा दिया। लेकिन कोई सुनवाई नहीं करता है। फतेपुर सिकरी से सांसद राजकुमार चाहर को यहां के लोगों ने दो बार लोकसभा पहुंचाया। लेकिन यहां की समस्या को वे दो बार भी नहीं देखने आए। ग्रामीण से विधायक बेबी रानी मौर्य है, वे भी एक बार नहीं आई। उन्हें भी कई बार पत्र लिखे। दोनों प्रतिनिधियों को लोगों ने भर-भर के वोट दिए। अगर समस्या का समाधान नहीं होता है। आने वाले विधानसभा में हम इनका बहिष्कार करेंगे।
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