बलरामपुर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता चयन प्रक्रिया में रिश्वतखोरी के आरोप में दो कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इन कर्मचारियों पर चयन के नाम पर रिश्वत लेने का आरोप है और वे पहले ही जेल जा चुके हैं। बाल विकास एवं पुष्टाहार निदेशालय ने जिला कार्यक्रम अधिकारी की सिफारिश पर निलंबन के आदेश जारी किए हैं। यह मामला तुलसीपुर क्षेत्र के लालबोझी गांव से संबंधित है। आरोप है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भर्ती प्रक्रिया-2025 के दौरान 1.40 लाख रुपये की रिश्वत लेकर चयन को प्रभावित किया गया था। आवेदक रूबी सिंह के पति महेंद्र प्रताप सिंह ने इस संबंध में जिलाधिकारी से शिकायत की थी। शिकायत के बाद गठित जांच टीम की रिपोर्ट में आरोप सही पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 30 जनवरी 2026 को नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया था। इसके बाद दो कर्मचारियों और एक बिचौलिये को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। निलंबित किए गए कर्मचारियों की पहचान परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद और आंगनबाड़ी नियुक्ति पटल पर तैनात रामसूचित वर्मा के रूप में हुई है। दोनों की भूमिका रिश्वत लेकर चयन प्रक्रिया को प्रभावित करने में सामने आई थी।
जिला कार्यक्रम अधिकारी इफ्तखार अहमद ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों कर्मचारियों के निलंबन की सिफारिश निदेशालय को भेजी गई थी। इस पर अब अंतिम आदेश जारी कर दिया गया है। साथ ही, दोनों के खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इफ्तखार अहमद ने यह भी जानकारी दी कि जिले में पूर्व में हुई आंगनबाड़ी चयन प्रक्रियाओं की समीक्षा की जा रही है। यदि किसी भी प्रक्रिया में अनियमितता पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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