सोनभद्र में राष्ट्र उदय पार्टी के कार्यकर्ताओं ने वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर पुण्यश्लोक अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति तोड़े जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष उमाकांत धनगर के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय में सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि वाराणसी में अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति को सम्मानजनक स्थान पर पुनः स्थापित किया जाए। इसके साथ ही, सोनभद्र के कलेक्ट्रेट गेट और कचहरी गेट पर भी उनकी प्रतिमा स्थापित करने की मांग उठाई गई। जिलाध्यक्ष उमाकांत धनगर ने बताया कि वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चौड़ीकरण के दौरान राजमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर समेत अन्य देवी-देवताओं की मूर्तियों को खंडित किया गया था। उन्होंने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोक माता अहिल्याबाई होल्कर के वंशजों और पूरे समाज पर सीधा प्रहार बताया। पार्टी ने सरकार से तीन प्रमुख मांगें की हैं। पहली मांग यह है कि मणिकर्णिका घाट पर खंडित की गई लोक माता अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा और अन्य ऐतिहासिक धरोहरों को सम्मानजनक स्थान पर पुनः स्थापित किया जाए। दूसरी मांग के तहत, शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे समाज के लोगों पर दर्ज मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएं। तीसरी मांग में सोनभद्र जिला मुख्यालय स्थित जिला न्यायालय व कलेक्ट्रेट के प्रवेश द्वार पर न्याय की देवी पुण्यश्लोक राजमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर की आदमकद प्रतिमा स्थापित कर देश में न्याय व्यवस्था को दुरुस्त करने की बात कही गई है। धनगर ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी न्याय की देवी पुण्यश्लोक राजमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के विचारों पर संघर्ष कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य देश में एकता, भाईचारा और समानता लाना है।
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