अलीगढ़ महोत्सव (नुमाइश) में प्रशासन की अनदेखी के चलते अव्यवस्थाएं लगातार सामने आ रही हैं। नुमाइश परिसर में निर्धारित पार्किंग व्यवस्था होने के बावजूद सड़क के दोनों ओर वाहनों को खड़ा कर अवैध तरीके से वसूली की जा रही है। आईटीआई रोड पर सड़कों पर अस्थायी वाहन स्टैंड बना दिए गए हैं, जिससे रात के समय जाम की स्थिति बन रही है। कई बार तो राहगीरों का पैदल निकलना भी मुश्किल हो जाता है। वाहन स्टैंड की पर्चियों पर शुल्क का कोई उल्लेख नहीं किया जा रहा है। इसका फायदा उठाकर ठेकेदार के लोग मनमाने तरीके से वसूली कर रहे हैं। विरोध करने पर मारपीट और धमकी देने की घटनाएं भी सामने आई हैं। आरोप है कि अवैध वसूली का विरोध करने पर स्टैंड संचालक के गुर्गे खुद ही लोगों को बन्नादेवी थाने जाकर शिकायत करने की चुनौती देते हैं। अधिवक्ता प्रतीक चौधरी के साथ हुआ हालिया विवाद इस पूरे मामले में हाल ही में अधिवक्ता व रालोद नेता प्रतीक चौधरी के साथ भी अभद्रता की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि वाहन स्टैंड पर मोटरसाइकिल के लिए 60 रुपए वसूले जा रहे हैं, जबकि कहीं भी रेट लिस्ट नहीं लगाई गई है और पर्ची पर भी कोई राशि दर्ज नहीं होती। थाने जाकर शिकायत करने की दी धमकी प्रतीक चौधरी ने बताया कि लगातार शिकायतें मिलने पर वह स्वयं बाइक से नुमाइश पहुंचे। पार्किंग करने पर उनसे 60 रुपए मांगे गए। जब उन्होंने पर्ची पर राशि न लिखे होने पर सवाल उठाया तो स्टैंड संचालक के लोग कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और उल्टा थाने जाकर शिकायत करने की बात कहने लगे। पुलिस पर संरक्षण का आरोप, सीएम पोर्टल पर शिकायत इस मामले की शिकायत प्रतीक चौधरी ने बन्नादेवी थाने में की, लेकिन वहां से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 27 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर पूरे प्रकरण की शिकायत दर्ज कराई गई। आरोप है कि 8 दिन बीत जाने के बावजूद मामला थाना स्तर पर ही लंबित है, जिससे यह प्रतीत होता है कि अवैध वसूली पुलिस संरक्षण में चल रही है। प्रतीक चौधरी का कहना है कि जब मामला मुख्यमंत्री स्तर से जिला पुलिस को ट्रांसफर हो चुका है, तब भी कार्रवाई न होना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। लाल ताल पर लग रहीं अवैध दुकानें नुमाइश में लाल ताल में पानी भरा रहता है। इसमें निर्धारित शुल्क के बाद लोगों को नौका विहार कराया जाता है। नियमानुसार लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लाल ताल के पास दुकानें न लगाने की हिदायद दे रखी है। बावजूद इसके लालताल के ठेकेदरा ने एक–दो नहीं बल्कि करीब 15 दुकानें लगा रखी हैं। लोगों का कहना है कि ऐसी स्थिति में अगर कोई दुर्घटना होती है तो लोगों की जान पर जोखिम बन जाएगा। यह है नियम पार्किंग ठेका नुमाइश परिसर में ही लगाया जाएगा। इसके बाहर सड़क आदि पर पार्किंग वसूली जाती है तो कार्रवाई की जाएगी। नियमानुसार पार्किंग ठेकेदार को शुल्क का एक बड़ा बोर्ड भी लगाना होगा, जिसपर स्पष्ट तौर पर साइकिल, बाइक और कार का शुल्क लगाना होगा। लेकिन वीआईपी रोड होने के बाद भी सड़क पर ही पार्किंग बनी हुई है। वहीं, नुमाइश प्रशासन के अनुबंध पत्र के अनुसार लाल ताल पर किसी भी प्रकार के झूले, ठेले, कैंटीन और होर्डिंग विज्ञापन पर प्रतिबंध के निर्देश हैं। बावजूद इसके वहां 15 दुकानें किराए पर उठी हुई हैं। कराई जाएगी जांच इस संबंध में एडीएम सिटी किंशुक श्रीवास्तव का कहना है कि नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई की जाएगी। अगर बाहर पार्किंग ठेका चलता हुआ पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। वहीं, लालताल के चारों तरफ दुकानें प्रतिबंधित हैं, अगर दुकानें पाई जाती हैं तो कार्रवाई होगी।
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