अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज से हटाए गए प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा के खिलाफ की गई शिकायत और प्रस्तुत साक्ष्य अब संदेह के घेरे में आ गए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रमुख सचिव संजय प्रसाद ने जांच के आदेश दे दिए हैं। इसके बाद कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य डॉ. दिनेश सिंह मर्तोलिया ने छह सदस्यीय जांच समिति का गठन कर दिया है। इस प्रकरण में मेडिकल कॉलेज के छह प्रोफेसरों डॉ. पारस खरबंदा, डॉ. डीके सिंह, डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. प्रतिभा गुप्ता, डॉ. स्नेहांशु और डॉ. अंजू सिंह की ओर से शिकायत भेजी गई थी। शिकायतकर्ताओं में डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, प्रीती खरबंदा के साथ दो लैब टेक्नीशियन उमाशंकर, संतोष और समर बहादुर पटेल का नाम भी सामने आया है। इस शिकायत पर संदेह जताते हुए अधिवक्ता चंद्र शर्मा ने तथ्यों के साथ मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, प्रमुख सचिव समेत अन्य अधिकारियों से इस मामले में उच्च स्तरीय जांच कराने के साथ-साथ लोकायुक्त जांच की भी मांग की गई थी। जैसे ही प्रभारी प्राचार्य द्वारा जांच समिति गठित की गई, कॉलेज में हड़कंप मच गया। उल्लेखनीय है कि इन्हीं प्रोफेसरों की शिकायत के आधार पर तत्कालीन प्राचार्य डॉ. सत्यजीत वर्मा को पद से हटाया गया था।
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