अयोध्या पहुंचे प्रदेश के प्रमुख सचिव पशुधन, मत्स्य पालन एवं दुग्ध विकास मुकेश मेश्राम ने शनिवार को सर्किट हाउस में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा की। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि “अयोध्या में जल्द ही दूध की धारा बहेगी।” उन्होंने बताया कि अयोध्या में एक दूध प्लांट पहले से चल रहा है। जिले में दूध की क्षमता और मांग को देखते हुए जल्द ही नए दूध प्लांट लगाने की तैयारी है। इसके लिए विभाग जमीन और तकनीकी आवश्यकताओं पर तेजी से काम कर रहा है। मेश्राम ने कहा कि सरकार गौ पालकों और किसानों को लगातार बेहतर नस्ल की गाय पालने के लिए जागरूक कर रही है। उनका कहना था कि अच्छी नस्ल का पशु न केवल ज्यादा दूध देता है, बल्कि इससे किसानों की आमदनी भी बढ़ती है। प्रदेश की योजना है कि पशुपालकों की आय को दोगुना किया जाए। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मौजूद निराश्रित गौ-आश्रयों के प्रबंधन को और बेहतर किया जा रहा है। इसमें स्थानीय लोगों की सहभागिता बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि समाज और सरकार मिलकर ही गौ संरक्षण को मजबूत बना सकते हैं। प्रमुख सचिव ने कहा कि धार्मिक और आध्यात्मिक नगर होने के कारण अयोध्या का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने कहा कि “पुराने समय में कहा जाता था कि प्रदेश में दुग्ध धारा बहती थी। हमें उसी परंपरा को फिर जीवित करना है। दुग्ध उत्पादन बढ़ेगा तो प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी बड़ा सहारा मिलेगा।” सचिव ने बताया कि उत्तर प्रदेश की वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य में पशुपालन एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दूध, डेयरी और गौ-आधारित उत्पादों से राज्य की आर्थिक वृद्धि को नया आधार मिलने की उम्मीद है। मत्स्य पालन पर बात करते हुए मेश्राम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ वर्षों में मत्स्य उत्पादन दोगुना हुआ है। राज्य इस क्षेत्र में 24 से 25 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्ज कर रहा है। उन्होंने इसे किसानों और मत्स्य पालकों के लिए बड़ा अवसर बताया। मेश्राम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि पशुपालन और मत्स्य पालन को राज्य की अर्थव्यवस्था के मजबूत स्तंभ के रूप में स्थापित किया जाए।
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