भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएम एफएमई) अमेठी में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा दे रही है। यह योजना आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से संचालित है। जिलाधिकारी संजय चौहान और मुख्य विकास अधिकारी सचिन कुमार सिंह के मार्गदर्शन में यह योजना सकारात्मक परिणाम दे रही है। इसी योजना का लाभ उठाकर जगदीशपुर के कठौरा इंडस्ट्रियल एरिया निवासी भगवत प्रसाद श्रीवास्तव ने एक सफल उद्यम स्थापित किया है। जिला उद्यान अधिकारी रणविजय सिंह ने बताया कि भगवत प्रसाद श्रीवास्तव ने डी.आर.पी. (डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स पर्सन) की सहायता से पीएम एफएमई पोर्टल पर आवेदन किया था। उनके आवेदन के उपरांत उन्हें 35 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस ऋण का उपयोग उन्होंने आटा और आयल मिल के प्रसंस्करण के लिए आधुनिक मशीनरी और आवश्यक संसाधन जुटाने में किया। उन्होंने अपनी इकाई को ‘श्री बालाजी आयल मिल’ ब्रांड के नाम से स्थापित किया। वर्तमान में, इस इकाई में आटा, मल्टीग्रेन आटा, बेसन, मैदा, सरसों का तेल और अन्य खाद्य उत्पादों का उत्पादन किया जा रहा है। इन उत्पादों की बिक्री स्थानीय बाजारों के साथ-साथ आसपास के जनपदों में भी की जा रही है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने भगवत प्रसाद श्रीवास्तव को प्रोजेक्ट कॉस्ट का 35 प्रतिशत अनुदान भी प्रदान किया, जिससे उनके उद्यम को और मजबूती मिली। आज यह इकाई एक सफल और आत्मनिर्भर उद्यम के रूप में तेजी से आगे बढ़ रही है, जिसका वार्षिक टर्नओवर लगभग 80 लाख रुपये है। यह इकाई न केवल भगवत प्रसाद श्रीवास्तव की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही है, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर रही है। यह सफलता जनपद के अन्य युवाओं और उद्यमियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है। जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशन में जनपद प्रशासन पीएम एफएमई योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहा है, ताकि अधिक से अधिक लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ा जा सके। यह मुख्यमंत्री की ‘आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश’ की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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