उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की सेवाओं को हाईटेक और सुरक्षित बनाने के लिए मुख्यालय ने कमर कस ली है। मंगलवार को प्रबंध निदेशक प्रभु एन सिंह ने प्रदेश के सभी 20 क्षेत्रों के क्षेत्रीय प्रबंधकों , सेवा प्रबंधकों और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधकों के साथ मैराथन समीक्षा बैठक की। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई इस बैठक में एमडी ने स्पष्ट संदेश दिया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की अब जवाबदेही तय की जाएगी। डिजिटल ड्यूटी सिस्टम: अब नहीं चलेगी मनमानी बैठक के दौरान एमडी ने ‘सुगम ऐप’ की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी चालकों और परिचालकों की ड्यूटी केवल सॉफ्टवेयर के माध्यम से ही लगाई जाए। उन्होंने कहा कि ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता लाने के लिए ही यह सिस्टम बनाया गया है। यदि किसी डिपो में मैन्युअल तरीके से या पक्षपातपूर्ण ड्यूटी लगाने की शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई की जाएगी। सड़क सुरक्षा: ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति सड़क दुर्घटनाओं पर गहरी चिंता जताते हुए श्री प्रभु एन सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री और परिवहन मंत्री के स्पष्ट निर्देश हैं कि सड़क हादसों में होने वाली मौतों के आंकड़ों में 50 प्रतिशत तक की कमी लाई जाए। इसके लिए उन्होंने दो बड़े फैसले सुनाए: • अनिवार्य प्रशिक्षण: किसी भी चालक को बिना रिफ्रेशर ट्रेनिंग और सुरक्षा मानकों की जानकारी दिए मार्ग पर बस लेकर नहीं भेजा जाएगा। • सघन चेकिंग: क्षेत्रीय प्रबंधक और सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक केवल दफ्तरों तक सीमित न रहें, बल्कि खुद फील्ड में जाकर बसों और मार्गों की औचक चेकिंग करें। राजस्व और प्रदर्शन: खराब रिपोर्ट पर अफसरों को फटकार 2 फरवरी 2026 तक के आंकड़ों की समीक्षा करते हुए एमडी ने पाया कि कई क्षेत्रों में बस उपयोगिता, लोड फैक्टर (सवारियों की संख्या) और डीजल औसत (माइलेज) में पिछले साल के मुकाबले गिरावट आई है। टारगेट: जिन डिपो का प्रदर्शन सबसे खराब है, वहां के आरएम और एसएम को अलग-अलग दिनों में खुद डिपो का भ्रमण कर कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए। आय में सुधार: एमडी ने कहा कि हर क्षेत्र को दिए गए आय के लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करना अनिवार्य है। भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार बैठक के अंत में एमडी ने भ्रष्टाचार और कदाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की बात दोहराई। उन्होंने यातायात निरीक्षकों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन मार्गों पर बसों की सघन चेकिंग करें ताकि बिना टिकट यात्रा और राजस्व चोरी पर लगाम लग सके। उन्होंने साफ कहा कि निगम की छवि से समझौता करने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
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