मेरठ में एसडीएम ने खंड शिक्षा अधिकारी श्याम मोहन आस्थाना को गिरफ्तार करा दिया। खंड शिक्षा अधिकारी बिना बताए छुट्टी पर चले गए थे। उन्होंने फोन भी रिसीव नहीं किए। इसकी वजह से वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का काम ठप हो गया था। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने श्याम मोहन के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी। इस पर पुलिस ने उन्हें पकड़कर थाने ले आई। जहां उन्हें तीन घंटे बिठाए रखा गया। मेडिकल टेस्ट हुआ। फिर उन्हें रिहा कर दिया गया। अस्थाना ने बताया- मेरी और पत्नी की तबीयत खराब है। इसलिए लखनऊ चला गया था। छुट्टी का आवेदन दिया था, लेकिन वह स्वीकृत नहीं हुआ था।
अब जानिए पूरा मामला
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने बताया- खंड तीन के खंड शिक्षा अधिकारी श्याम मोहन अस्थाना की ड्यूटी SIR में एईआरओ के पद पर लगी हुई है। उन्हें SIR से जुड़े मामलों की समयबद्ध सुनवाई और रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी। लेकिन उन्होंने न तो निर्धारित कार्य किया और न ही उच्चाधिकारियों को कोई सूचना दी। शनिवार से बिना सूचना दिए गायब थे
खंड शिक्षा अधिकारी शनिवार से बिना किसी सूचना और बिना अवकाश स्वीकृत कराए ही अनुपस्थित थे। जबकि उन्हें तहसील सभागार में एसआइआर नोटिस से संबंधित मामलों की सुनवाई की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी। निर्धारित समय पर सुनवाई न होने से प्रशासनिक कार्य प्रभावित हुआ। मतदाताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। एसडीएम ने दी तहरीर
मामले को गंभीर मानते हुए एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने इसे सरकारी कार्य में लापरवाही और अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखते हुए पुलिस को शिकायत दी। तहरीर के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए खंड शिक्षा अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि उन्होंने छुट्टी के लिए आवेदन किया था, लेकिन उनकी छुट्टी स्वीकृत नहीं हुई थी। इसके बावजूद वे बिना स्वीकृति के चले गए। उन्हें फोन कर वापस बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे नहीं आए और आज ही वापस लौटे। नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार दी गई जिम्मेदारी
प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी के स्थान पर नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार को एसआइआर नोटिस की सुनवाई की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जिससे मतदाता पुनरीक्षण से जुड़े कार्य तय समय में पूरे किए जा सकें। एसडीएम ने कहा- सरकारी कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने कहा- सरकारी कार्यों में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही मामले की जांच और आगे की विभागीय कार्रवाई के लिए बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को भी पत्र जारी कर दिया गया है। प्रशासन की इस सख्ती को सरकारी कार्यों में अनुशासन स्थापित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मेरी और मेरी पत्नी की तबीयत खराब, छुट्टी का किया था आवेदन
खंड शिक्षा अधिकारी श्याम मोहन अस्थाना ने बताया- उन्होंने छुट्टी का आवेदन दिया था, लेकिन वह स्वीकृत नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि उनकी और उनकी पत्नी की तबीयत खराब थी, जिसके कारण वे लखनऊ चले गए थे। ———————– ये खबर भी पढ़ें…. अविमुक्तेश्वरानंद बोले- अयोध्या GST अफसर ने थूककर चाटा:भैंस के मांस के नाम पर गौमांस विदेशों में भेजा जा रहा
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अयोध्या के GST डिप्टी कमिश्नर प्रशांत सिंह इस्तीफा वापस लेने पर तंज कसा। उन्होंने हंसते हुए कहा- बरेली मजिस्ट्रेट के इस्तीफा देने के बाद जो त्याग पत्र दिलवाया गया था। वो वापस हो चुका है। आदमी थूक कर चाट चुका है। हमने तभी कहा था कि ये जो त्याग पत्र दिया गया है वो चार दिन में वापस होगा। और वही हुआ। पढ़ें पूरी खबर…
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