अंबेडकरनगर जिले में गरीब और स्कूल से बाहर रहने वाली बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने के लिए कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय (केजीबीवी) योजना संचालित है। जिले के कुल 10 शिक्षा क्षेत्रों में से आठ में ये विद्यालय चल रहे हैं, जबकि दो क्षेत्रों में इनकी स्थापना अभी बाकी है। शिक्षा विभाग ने इन दो नए विद्यालयों की स्थापना के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा है, जिसे जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद है। जिले के 10 शिक्षा क्षेत्रों में कटेहरी, भीटी, अकबरपुर, टांडा, बसखारी, जलालपुर, भियांव, रामनगर, जहांगीरगंज और टांडा नगर शामिल हैं। इनमें से टांडा नगर और बसखारी शिक्षा क्षेत्रों में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय नहीं हैं। अन्य आठ शिक्षा क्षेत्रों में बालिकाओं के लिए छात्रावास सहित केजीबीवी सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेश पटेल ने बताया कि शेष दो शिक्षा क्षेत्रों में केजीबीवी की स्थापना का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नए साल में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल जाएगी। बसखारी शिक्षा क्षेत्र में नए साल 2026 तक कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय की सौगात मिलने की संभावना है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना केंद्र सरकार द्वारा सर्व शिक्षा अभियान को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2006-07 में शुरू की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य विषम परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाली बालिकाओं को आवासीय विद्यालय में प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करना है। इसमें 10 वर्ष से अधिक उम्र की उन बालिकाओं को नामांकित किया जाता है जो स्कूल से बाहर होती हैं। केजीबीवी में नामांकन में विशेष प्राथमिकता दी जाती है। कुल सीटों में से 75 प्रतिशत अनुसूचित जाति-जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक समुदाय की बालिकाओं के लिए आरक्षित होती हैं। शेष 25 प्रतिशत सीटें गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों की बच्चियों के लिए निर्धारित हैं।
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