प्रतापगढ़ के बाबूपट्टी गांव में स्थित डॉ. हरिवंश राय बच्चन की स्मृति में बना पुस्तकालय ध्वस्त किया जाएगा। बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन का यह पैतृक गांव है। पुस्तकालय की जर्जर स्थिति और गांव के समग्र विकास योजना के तहत इसके पुनरुद्धार के कारण यह निर्णय लिया गया है। ग्राम पंचायत के प्रस्ताव पर जिला पंचायती राज अधिकारी श्रीकांत दर्वे ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को ध्वस्तीकरण के लिए पत्र लिखा है। तकनीकी जांच के बाद PWD विभाग ध्वस्तीकरण का आदेश जारी कर सकता है। अधिकारियों ने इस प्रक्रिया को तेज कर दिया है और जल्द ही आदेश जारी होने की उम्मीद है। गौरा ब्लॉक के बाबूपट्टी गांव में यह पुस्तकालय वर्ष 2004 में निर्मित हुआ था। इसका उद्घाटन 5 मार्च 2006 को अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन ने तत्कालीन सांसद अमर सिंह के साथ किया था। लगभग 22 वर्ष पुराना होने के कारण यह पुस्तकालय अब मानक अनुरूप नहीं रह गया है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… बाबूपट्टी गांव का कायाकल्प होगा
डॉ. हरिवंश राय बच्चन प्रबोधन प्रतिष्ठान, महाराष्ट्र द्वारा बाबूपट्टी गांव का कायाकल्प किया जाएगा। इस योजना के तहत गांव को महानगरों की तर्ज पर विकसित करने का लक्ष्य है। करोड़ों रुपये के विकास कार्यों को जिलाधिकारी ने हरी झंडी दे दी है और इसे निदेशालय भेजा जा चुका है। इन विकास कार्यों में प्रवेश द्वार, सीसी रोड, शुद्ध पेयजल, सोलर स्ट्रीट लाइट, सांस्कृतिक भवन, सार्वजनिक स्वच्छता गृह, एम्बुलेंस वाहन, सार्वजनिक उद्यान, हरिवंश राय बच्चन के नाम पर चौक, व्यक्तिगत शौचालय, बस स्टॉप, बैंक ग्राहक सेवा केंद्र, माध्यमिक और जूनियर स्कूल, तथा पुस्तकालय का पुनरुद्धार शामिल हैं। मातृभूमि योजना से होंगे काम
यह विकास कार्य ‘मातृभूमि योजना’ के अंतर्गत कराए जाएंगे। डॉ. हरिवंश राय बच्चन प्रबोधन प्रतिष्ठान, महाराष्ट्र गांव के विकास के लिए 60% धनराशि प्रदान करेगा, जबकि शेष 40% धनराशि शासन की ओर से दी जाएगी। मातृभूमि योजना के तहत कोई भी व्यक्ति अपने पैतृक गांव को गोद ले सकता है। पुस्तकालय का ध्वस्तीकरण यूं ही नहीं हो रहा है, इसी स्थान पर नए पुस्तकालय का निर्माण कराया जाना है, जिसकी अनुमानित लागत 60 लाख रुपए लगने की उम्मीद है, जिसका प्रस्ताव तैयार कर पंचायती निदेशालय को भेज दिया गया है। बजट आते ही काम भी शुरू होगा। वहीं वाचनालय में गेस्ट रूम के साथ साथ डिजिटल लाइब्रेरी भी होगी। कंप्यूटर, फर्नीचर, कुर्सियों मॉडर्न सुविधाओं से लैस होगा। कभी गांव नहीं आए अमिताभ बच्चन
प्रतापगढ़ के बाबू पट्टी गांव में बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन कभी भी प्रतापगढ़ नहीं आए हैं। उनकी पत्नी 2006 में जरूर बाबू पट्टी आई थी। बाबू पट्टी गांव दिवंगत डॉ. हरिवंश राय बच्चन की जन्मस्थली है, लेकिन ग्रामीणों में चर्चा है कि इसके पीछे अमिताभ बच्चन की पहल हो सकती है। हालांकि अभी तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है। आखिर डॉ हरिवंश राय बच्चन प्रबोधन प्रतिष्ठान महाराष्ट्र द्वारा यह विकास कार्य कराया जा रहा है या इसके पीछे बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन का भी हाथ है। हालांकि समय और गांव के विकास के साथ साथ यह भी स्थिति आगे चलकर साफ हो जाएगी।
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