जनपद में सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए प्रशासन एक महत्वपूर्ण पहल कर रहा है। अब जिले की दुकानें, प्रमुख चौराहे और गौशालाएं सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में रहेंगी। इसके लिए कलेक्ट्रेट परिसर में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) स्थापित किया जाएगा। यह व्यवस्था पहली बार जिला स्तर पर लागू की जा रही है, जो अब तक केवल महानगरों तक सीमित थी। इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए चयनित एजेंसी ने सर्वे का कार्य पूरा कर लिया है। जल्द ही तकनीकी कार्य शुरू होने की उम्मीद है। योजना के तहत, जिन स्थानों पर पहले से सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, वहां विशेष चिप लगाई जाएगी। यह चिप किसी भी संदिग्ध गतिविधि या घटना की जानकारी मिलते ही स्वचालित अलर्ट मैसेज सीधे कंट्रोल रूम प्रभारी, संबंधित दुकानदार और नजदीकी पुलिस थाने को भेजेगी। इससे घटनाओं पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित होगी और अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगेगा।
गौशालाओं में स्थापित किए जाने वाले कैमरे भी विशेष डिवाइस के माध्यम से सीधे कंट्रोल रूम से जुड़े रहेंगे। इससे गौशालाओं में होने वाली गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जा सकेगी। पशुओं की सुरक्षा, चारा-पानी की व्यवस्था, कर्मचारियों की उपस्थिति और किसी भी लापरवाही या अनियमितता पर तुरंत ध्यान दिया जाएगा, जिससे गौशालाओं के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी। इसी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जिले के यातायात को भी नियंत्रित किया जाएगा। प्रमुख चौराहों पर लगे कैमरों से यातायात की वास्तविक समय में निगरानी होगी, जिससे जाम की स्थिति में तत्काल वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की जा सकेगी। यह प्रणाली विशेष रूप से त्योहारों, धार्मिक आयोजनों, मेलों और जुलूसों के दौरान अत्यंत प्रभावी सिद्ध होगी। प्रशासन का मानना है कि इस केंद्र के संचालन से जिले की कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और जनसुरक्षा को नई मजबूती मिलेगी। महानगरों की तर्ज पर शुरू की जा रही यह व्यवस्था जिले को स्मार्ट और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
https://ift.tt/znLp3Ca
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply