हाथरस में शीतलहर का प्रकोप जारी है, जिससे सांस और हृदय संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ न होने के कारण गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अन्य अस्पतालों में रेफर करना पड़ रहा है। इस बीच, मुरसान कोतवाली क्षेत्र के गांव कोटा में एक वृद्ध की बीती रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में हृदय और सांस संबंधी बीमारियों के 100 से अधिक मरीज पहुंचे। डेढ़ महीने पहले जहां प्रतिदिन सांस की बीमारी के 20 से 50 मरीज आते थे, वहीं अब यह संख्या दोगुनी से भी अधिक हो गई है। अधिकांश मरीजों को सीने में दर्द और सांस फूलने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल के फिजिशियन अन्य मरीजों का उपचार कर रहे हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. वरुण चौधरी ने बताया कि ठंड के कारण नसें सिकुड़ने लगती हैं, जिससे सांस के मरीजों की दिक्कतें बढ़ जाती हैं और ब्लड प्रेशर भी बढ़ जाता है। डॉ. चौधरी ने विशेषकर बुजुर्गों और पहले से बीमार मरीजों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि ठंड से बचाव के लिए सिर, हाथ और पैरों को अच्छी तरह ढककर रखना चाहिए। हृदय और ब्लड प्रेशर के मरीजों को सुबह घर से बाहर निकलने से बचना चाहिए और नियमित रूप से अपने ब्लड प्रेशर की जांच कराते रहना चाहिए।
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