DniNews.Live

Fast. Fresh. Sharp. Relevant News

मरीज द्वारा मेडिकल कॉलेज में कूदकर जान देने का मामला:घटना के बाद सुरक्षा गार्ड तैनात, प्राचार्य सवालों से बच रहे

शाहजहांपुर के राजकीय मेडिकल कॉलेज में एक मरीज ने तीसरी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद कॉलेज प्रशासन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। लापरवाही उजागर होने के बाद अब वार्ड के बाहर रेलिंग के पास एक सुरक्षा गार्ड तैनात किया गया है। सीतापुर जिले के रहने वाले टीबी ग्रसित मरीज अनुज ने मंगलवार रात तीसरी मंजिल की रेलिंग से छलांग लगा दी थी। इस हादसे ने मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद प्राचार्य और सीएमएस ने मौके पर जाने की जहमत तक नहीं उठाई। बताया जा रहा है कि जब मरीज वार्ड से बाहर आ रहा था, तब उसे स्टाफ ने नहीं रोका। उस समय रेलिंग के पास कोई सुरक्षा गार्ड भी तैनात नहीं था। अब घटना होने के बाद उसी रेलिंग के पास एक गार्ड को तैनात किया गया है, जो लोगों को वहां आने से रोक रहा है और बता रहा है कि रेलिंग मरीज के कूदने से हिलने लगी है।
मेडिकल कालेज में मरीजो के साथ आने वाले तीमारदारों के साथ छोटे छोटे बच्चे भी होते हैं। रेलिंग के अंदर पाइप के बीच मे भी इतनी जगह है कि बच्चा तो क्या उसमे से इंसान भी निकलकर गिर सकता है। रेलिंग के पास ऐसी कोई रोक नही लगाई गई, न कोई जाल लगाया गया है। जिससे अगर कोई व्यक्ति कूदने की कोशिश करता भी है तो उसको आसानी से कूदने की जगह न मिल पाए। इन सवालों के जवाब पाने के लिए जब राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य डाक्टर राजेश कुमार को कई बार फोन किया लेकिन उन्होंने काॅल रिसीव नही की। मेडिकल कॉलेज प्रशासन इन सवालों के जवाब देने से बच रहा है। प्राचार्य डॉ. राजेश कुमार ने घटना के बाद फोन उठाना बंद कर दिया। यह मेडिकल कॉलेज पहले भी डॉक्टरों द्वारा अभद्रता और बाहर से दवाएं लिखने जैसी शिकायतों को लेकर सुर्खियों में रहा है, लेकिन हर बार जांच के नाम पर मामले को दबा दिया जाता है।


https://ift.tt/ytKixQ0

🔗 Source:

Visit Original Article

📰 Curated by:

DNI News Live

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *