देवरिया जिले के पड़री मल्ल गांव में भूमिहीन परिवारों को शासन द्वारा आवंटित आवासीय पट्टों पर पांच साल बाद भी कब्जा नहीं मिल पाया है। पीड़ित परिवारों का आरोप है कि भूमाफियाओं ने पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग कर दी और उसे बेच दिया। इस स्थिति से भूमिहीन परिवारों में भारी रोष है। पीड़ितों ने बताया कि सदर तहसील क्षेत्र के पड़री मल्ल गांव स्थित आराजी संख्या 122, रकबा 0.0530 हेक्टेयर भूमि पर शासनादेश के तहत भूमिहीनों को आवासीय पट्टा आवंटित किया गया था। 3 अक्टूबर 2020 को बच्ची देवी, सुमिना देवी, अनिता देवी, पिंकी देवी सहित अन्य पात्र लाभार्थियों को विधिवत पट्टा प्रदान किया गया था। उनके पास इसकी रसीदें और अभिलेख मौजूद हैं। पहले 2 तस्वीरें देखिए… पट्टा मिलने के बावजूद इन परिवारों को आज तक भूमि पर कब्जा नहीं दिलाया गया है। वे लगातार तहसील और जिला प्रशासन के कार्यालयों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आरोप है कि ग्राम प्रधान नसीमा खातून पत्नी हशमुल्लाह और संबंधित लेखपाल अजेन्द्र सिंह की मिलीभगत से उक्त पट्टे की भूमि पर अवैध कब्जा कर प्लाटिंग की गई और जमीन अन्य लोगों को बेच दी गई। यह नियमों का खुला उल्लंघन है। भूमिहीन परिवार सड़क किनारे अस्थायी झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं। उन्हें बरसात, ठंड और भीषण गर्मी जैसी गंभीर मौसमी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका जीवन अत्यंत कष्टदायक हो गया है। पीड़ित परिवारों ने जिला प्रशासन और शासन से मांग की है कि सभी पट्टाधारकों को शीघ्र भूमि पर कब्जा दिलाया जाए। उनका कहना है कि जहां प्रदेश सरकार भूमाफियाओं पर सख्ती से कार्रवाई कर रही है, वहीं जिले में जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं, जिससे भूमिहीनों के साथ लगातार अन्याय हो रहा है।
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