फर्रुखाबाद में विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र एवं एडीजे तृतीय शैलेंद्र सचान की अदालत ने 23 वर्ष पुराने फसल लूट के एक मामले में फैसला सुनाया है। न्यायालय ने ब्रह्मानंद, सदानंद, दर्शन देवी, मुन्ना लाल और मोर सिंह को डकैती के अपराध में दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को पांच-पांच वर्ष के कठोर कारावास और 15-15 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। यह मामला थाना कायमगंज क्षेत्र के गांव जयसिंहपुर निवासी रविंद्र सिंह द्वारा वर्ष 2002 में दायर एक परिवाद से संबंधित है। रविंद्र सिंह ने थाना नवाबगंज के गांव बमरुलिया निवासी ब्रह्मानंद, ब्रह्मचारी, सदानंद, दर्शन देवी, मुन्नालाल, मोर सिंह, गया सिंह और सत्यप्रकाश के विरुद्ध यह परिवाद दायर किया था। परिवाद में बताया गया था कि रविंद्र सिंह के पिता ने वर्ष 1996 में नीलामी के दौरान एक जमीन खरीदी थी। इस जमीन के आधे हिस्से में अरहर और आधे में सरसों की फसल बोई गई थी। 15 जनवरी 2001 की शाम को आरोपी अवैध असलहों के बल पर खेत में खड़ी अरहर और सरसों की फसल काटकर अपने घर ले गए थे। न्यायालय में अभियोजन पक्ष की ओर से रविंद्र सिंह ने घटना का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। बचाव पक्ष ने जमीन के स्वामित्व, घटना की तिथि में अंतर और चोट न आने जैसे बिंदुओं पर दलीलें पेश कीं, लेकिन अदालत ने इन दलीलों को अस्वीकार कर दिया। इस मामले में विजय बहादुर और श्रीकृष्ण नामक दो गवाह न्यायालय में अपने बयानों से मुकर गए, जिसके बाद उन्हें पक्षद्रोही घोषित किया गया। अदालत ने अर्थदंड की राशि में से 50 हजार रुपये पीड़ित रविंद्र सिंह को क्षतिपूर्ति के रूप में देने का आदेश दिया। अदालत ने गवाही से मुकरे दोनों गवाहों के विरुद्ध प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का भी आदेश दिया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए सात फरवरी को फाइल तलब की गई है।
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