ललितपुर मेडिकल कॉलेज में फर्जी डॉक्टर बनकर मरीजों का इलाज करने वाले अभिनव सिंह की जमानत याचिका बुधवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने खारिज कर दी। अभिनव सिंह पर अपने अमेरिका स्थित बहनोई डॉ. राजीव कुमार गुप्ता के नाम और डिग्रियों का इस्तेमाल कर तीन साल तक कोर्डियोलॉजिस्ट के रूप में काम करने का आरोप है। अभिनव सिंह को डेढ़ महीने पहले गिरफ्तार किया गया था और वह 12 दिसंबर 2025 से जिला कारागार में बंद है। उसने अपने बहनोई की पहचान चुराकर ललितपुर मेडिकल कॉलेज में मरीजों का इलाज किया था। आरोपी अभिनव सिंह की ओर से अदालत में जमानत याचिका प्रस्तुत की गई थी। इसमें बताया गया कि वह निर्दोष है और उसे पारिवारिक रंजिश व संपत्ति विवाद के कारण झूठा फंसाया गया है। याचिका में यह भी कहा गया कि वह विगत 20 वर्षों से टाइप-1 मधुमेह और हृदय रोग से पीड़ित है, जिसके लिए उसे सघन इंसुलिन थेरेपी की आवश्यकता है। अभिनव सिंह ने अदालत को बताया कि उसे हाइपोग्लाइसीमिया के दौरे पड़ते हैं, जिनकी निगरानी जेल में संभव नहीं है। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मयंक कुमार जायसवाल की अदालत ने मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) को एक चिकित्सीय टीम गठित करने का आदेश दिया। यह टीम प्रत्येक दिन जिला कारागार में जाकर आरोपी का चिकित्सीय परीक्षण करेगी। हालांकि, न्यायालय ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अभिनव सिंह की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया।
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