उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में चाइल्ड लाइन की टीम ने पुलिस के सहयोग से दो अलग-अलग स्थानों पर हो रहे बाल विवाह रुकवा दिए। परिजनों द्वारा नाबालिग लड़कियों की शादी कराई जा रही थी, जिसकी सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई। जिला प्रोबेशन अधिकारी ऋषान्त कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि पहली सूचना मलवां थाना क्षेत्र के एक गांव से मिली थी। यहां 16 वर्ष 11 माह की एक नाबालिग लड़की की शादी शहर के एक गेस्ट हाउस में कराई जा रही थी। दूसरी सूचना हुसैनगंज थाना क्षेत्र के एक गांव से प्राप्त हुई, जहां 17 वर्षीय एक नाबालिग लड़की का विवाह उसके घर से किया जा रहा था। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर मिली इन सूचनाओं के आधार पर, पुलिस के सहयोग से कोतवाली सदर और हुसैनगंज थाना क्षेत्रों में टीमें समय पर पहुंचीं। उन्होंने सक्रियता दिखाते हुए दोनों बाल विवाह रुकवाए और नाबालिग बच्चियों को बाल कल्याण समिति, फतेहपुर के समक्ष प्रस्तुत कर कानूनी कार्रवाई की। नाबालिग बालिकाओं के परिजनों से इस बात का शपथ पत्र भी लिया गया कि वे बच्चियों के बालिग होने के बाद ही उनका विवाह संपन्न कराएंगे। विवाह में उपस्थित लोगों को भी बाल विवाह जैसी कुप्रथा के बारे में जानकारी दी गई और उनसे अपने स्तर पर ऐसे विवाह रोकने की अपील की गई। इसके अतिरिक्त, जनपद के सम्मानित आम जनमानस, गेस्ट हाउस संचालकों, धर्मशाला संचालकों और धार्मिक धर्मगुरुओं से भी अपील की गई है। उनसे कहा गया है कि वे अपने प्रतिष्ठानों में होने वाले विवाहों के संबंध में यह जानकारी अवश्य एकत्र करें कि विवाह करने वाले जोड़े बालिग हैं। यदि भविष्य में किसी भी प्रतिष्ठान में बाल विवाह की सूचना मिलती है, तो बाल विवाह कराने वाले दोषियों के साथ-साथ संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध भी कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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