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पहली महिला ऑटो ड्राइवर के हत्यारोपी की कार मिली:झांसी के नोटघाट पुल पर खड़ी थी, तमंचा और मोबाइल बरामद, नदी कूदने की आशंका

झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर अनीता चौधरी (40) का हत्यारोपी उसके बॉयफ्रेंड मुकेश झा की कार लावारिस हालत में नाेटघाट पुल पर खड़ी मिली। कार के अंदर तमंचा और मोबाइल भी रखा था। मोबाइल स्विच ऑफ था। पुलिस का आशंका है कि हत्या के बाद मुकेश ने पुल से बेतवा नदी में छलांग लगा दी। अब उसकी नदी में तलाश की जा रही है। मुकेश और अनीता के बीच 7 साल से अफेयर था, लेकिन अब मुकेश उसे मारने-पीटने लगा था। इस वजह से अनीता ने 5 महीने पहले ब्रेकअप कर लिया था। तब से मुकेश साथ रहने का दबाव बना रहा था। धमकाता था- अब या तो तुम रहोगी या हम। मगर अनीता अब उसके साथ रहने को तैयार नहीं थी। इसी वजह से उसने रविवार रात कनपटी में गोली मारकर अनीता की हत्या कर दी। पुलिस मुकेश के बेटे और बहनोई को गिरफ्तार कर चुकी है। मुकेश की तलाश चल रही है। अब उसकी कार मिली है। जिस फैक्ट्री में अनीता काम करती थी, वहां मैनेजर था मुकेश अनीता चौधरी नवाबाद थाना क्षेत्र के तालपुरा स्थित अंबेडकर नगर में रहती थी। उनके तीन बच्चे हैं। बड़े बेटे विक्की की शादी हो चुकी है। उससे छोटी बेटी साक्षी (18) और जानू (16) पढ़ते हैं। अनीता की छोटी बहन विनीता चौधरी और उसके पति दिलदार सिंह ने बताया कि अनीता 9 साल पहले भगवंतपुरा के पास एक ग्लास फैक्ट्री में काम करती थी, जहां प्रेमनगर निवासी मुकेश झा मैनेजर था। एक साथ काम करने की वजह से दोनों की दोस्ती हो गई। 7 साल पहले यह दोस्ती प्यार में बदल गई। दोनों एक-दूसरे से मिलने लगे। बाद में अनीता जॉब छोड़कर ऑटो चलाने लगी। अब मुकेश उसे मार-पीटने लगा था। इस वजह से 5 महीने पहले अनीता ने ब्रेकअप कर लिया था, मगर मुकेश उसे किसी भी कीमत पर छोड़ना नहीं चाहता था। ब्रेकअप के बाद अनीता को परेशान करता था मुकेश दिलदार सिंह ने आगे बताया कि ब्रेकअप करने के बाद से मुकेश अनीता को परेशान कर रहा था। वह चाहता था कि अनीता उसके साथ रहे, मगर अनीता तैयार नहीं थी। 3 महीने पहले स्टेशन पर मुकेश ने अनीता को परेशान किया तो थाने में शिकायत की गई। तब दोनों परिवारों के लोग एकत्र हुए। मुकेश अपने परिजनों के सामने बोला- मैं तो अनीता के साथ ही रहूंगा। जब अनीता से पूछा गया तो उसने कहा कि वह मुकेश के साथ नहीं रहना चाहती। यह सुनते ही मुकेश बौखला गया और कहने लगा कि अब या तो तुम रहोगी या हम। उसने गोली मारने की धमकी भी दी थी। तब से वह अनीता का पीछा कर रहा था। आधी रात को कनपटी पर गोली मारी अनीता झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर थी। वह सुबह और रात को ऑटो चलाती थी और दिन में घर का काम करती थी। रविवार रात 9:30 बजे वह घर से ऑटो चलाने निकली थी। पहले मुकेश झा से विवाद हुआ। इसके बाद उसने स्टेशन रोड पर सुकुवां-ढुकवां कॉलोनी के पास कनपटी में गोली मारकर अनीता की हत्या कर दी और ऑटो पलटाकर भाग गया। हत्या में उसका बेटा शिवम झा और बहनोई मनोज झा भी शामिल थे। पुलिस ने शिवम और मनोज को अरेस्ट कर लिया। जबकि एसएसपी ने मनोज पर 25 हजार रुपए का इनाम रखा है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी। रात को उसकी कार बरुआसागर थाना क्षेत्र में नोटघाट पुल पर खड़ी मिली। अंदर तमंचा और स्विच ऑफ किया मोबाइल भी रखा था। अब पुलिस गोताखोरों की मदद से बेतवा नदी में तलाश कर रही है। एक्सीडेंट की मिली थी सूचना रविवार देर रात करीब 1:30 बजे लोगों ने सड़क किनारे अनीता का शव पड़ा देखा। थोड़ी दूरी पर ऑटो पलटा हुआ था। यह देखकर लोगों को लगा कि एक्सीडेंट हुआ है। घरवालों और पुलिस को भी एक्सीडेंट की सूचना मिली। जब वे मौके पर पहुंचे तो अनीता के शरीर पर एक्सीडेंट की चोट नहीं थी और गहने गायब थे। इसलिए परिजनों ने कहा कि अनीता की हत्या हुई है। कार्रवाई की मांग को लेकर परिजन एसएसपी कार्यालय पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया। सोमवार को पोस्टमार्टम हुआ। इसमें गोली मारकर हत्या करने की पुष्टि हुई। अनीता के गले के पास गोली फंसी मिली। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार, अनीता की कनपटी में गोली मारी गई थी, जो गले में जाकर फंस गई। अब पढ़िए ऑटो ड्राइवर बनने की कहानी अनीता चौधरी एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती थी। उसने 15 साल तक काम किया। 2020 में उसकी सुपरवाइजर से कहासुनी हो गई। गुस्से में सुपरवाइजर ने कहा—कल से मत आना। यह बात अनीता को बुरी लगी और उसने नौकरी छोड़ दी। अनीता के पति द्वारका चौधरी बस स्टैंड के पास ठेला लगाते हैं, जिससे घर का खर्च नहीं चलता था। तब अनीता बच्चों को लेकर महाराष्ट्र चली गई। वहां गए 10-15 दिन ही हुए थे कि कोरोना की वजह से लॉकडाउन की चर्चा होने लगी। वहां नौकरी भी नहीं मिली, इसलिए वह घर लौट आई। महाराष्ट्र से लौटने के बाद अनीता के घर के हालात और बिगड़ गए। तब उसने फाइनेंस पर ऑटो लेकर चलाने का प्लान बनाया। कोई बैंक लोन देने को तैयार नहीं था, लेकिन एक निजी बैंक ने लोन देने की हामी भरी। जब बैंक के अधिकारी घर आए तो पति ने आधार कार्ड और अपने बैंक खाते की जानकारी देने से मना कर दिया। घरवाले अनीता के ऑटो चलाने का विरोध कर रहे थे। अनीता ने किसी तरह कागजात पूरे किए। 18 फरवरी 2021 को उसने फाइनेंस पर नई ऑटो खरीदी। अनीता को ऑटो चलाना नहीं आता था। पड़ोसी ऑटो ड्राइवर ने उसे ऑटो चलाना सिखाया। इस तरह अनीता झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर बन गई। DIG से लेकर कई संस्थाएं कर चुकी थीं सम्मानित अनीता के जज्बे की हर तरफ तारीफ होती थी। 13 दिसंबर 2021 को उसे तत्कालीन डीआईजी जोगेंद्र सिंह सहित कई संस्थाओं ने सम्मानित किया था। अनीता ने अपनी ऑटो के आगे पोस्टर भी लगाए थे, जिन पर लिखा था- जनपद झांसी पुलिस, झांसी की पहली महिला ऑटो ड्राइवर। पुरुष और महिला एक समान, जन-जन का हो यही आह्वान। पुलिस अफसरों के नंबर भी लिखे थे। अनीता से प्रेरणा लेकर अब कई महिलाएं ऑटो और ई-रिक्शा चला रही हैं।


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