माघ मेला 2026 में प्रयागराज जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए इस बार बसों का इंतजाम काफी बेहतर रहा। 1 फरवरी तक करीब 10 लाख श्रद्धालु उत्तर प्रदेश परिवहन निगम की बसों से प्रयागराज पहुंचे और संगम में स्नान किया। इसके लिए प्रदेशभर से करीब 3800 बसें लगाई गई थीं, जिससे लोगों को आने-जाने में ज्यादा दिक्कत नहीं हुई। शहर से गांव तक सीधी बसें परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के मुताबिक, माघ मेले के दौरान प्रयागराज के लिए एसी और नॉन-एसी दोनों तरह की बसें चलाई गईं। ये बसें बड़े शहरों के साथ-साथ गांवों से भी सीधे प्रयागराज तक पहुंचीं। इससे श्रद्धालुओं को निजी साधनों पर निर्भर नहीं रहना पड़ा और कम खर्च में सफर हो सका। स्नान पर्वों पर बढ़ी बसों की संख्या भीड़ को देखते हुए खास स्नान तिथियों पर बसों की संख्या बढ़ाई गई। पौष पूर्णिमा, मकर संक्रांति, मौनी अमावस्या, बसंत पंचमी और माघी पूर्णिमा के दिन अतिरिक्त बसें चलाई गईं। कई बसें रिजर्व में भी रखी गईं, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत उतारा जा सके। मौनी अमावस्या पर सबसे ज्यादा भीड़ आंकड़ों के अनुसार, 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन सबसे ज्यादा श्रद्धालु बसों से प्रयागराज पहुंचे। इस दिन 70 हजार से ज्यादा यात्रियों ने परिवहन निगम की बसों से सफर किया। इसके अलावा मकर संक्रांति और बसंत पंचमी पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। रोजाना औसतन 1100 से ज्यादा बसें 3 जनवरी से 1 फरवरी तक रोजाना औसतन 1100 से अधिक बसें चलाई गईं। इस पूरे अवधि में करीब एक मिलियन यात्रियों ने बस सेवा का इस्तेमाल किया। बसों में सफाई, सुरक्षा और कर्मचारियों की तैनाती का भी ध्यान रखा गया। 24 घंटे बस सेवा और सहायता केंद्र श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 24 घंटे बस सेवा चलाई गई। बस अड्डों और प्रमुख जगहों पर सहायता केंद्र बनाए गए, जहां यात्रियों को रूट, टाइमिंग और बसों से जुड़ी जानकारी मिलती रही। इससे स्नान के बाद लौटने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी राहत मिली।
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