जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित हर घर जल योजना की धीमी प्रगति को लेकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने कड़ा रुख अपनाया है। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पेयजल आपूर्ति से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिए कि अवशेष कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कर आमजन को निर्बाध एवं शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जाए। बैठक में अधिकारियों ने अवगत कराया कि योजना के अंतर्गत जनपद में लगभग 1600 किलोमीटर सड़कों की खुदाई की गई थी। इनमें से 1260 किलोमीटर सड़कों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि 264 ग्राम पंचायतों में करीब 330 किलोमीटर सड़क निर्माण अभी शेष है। इस पर जिलाधिकारी ने कार्यदायी एजेंसियों जीवीपीआर एवं बीजीसीसी को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि 31 जनवरी तक प्रत्येक ग्राम पंचायत में सड़क पुनर्निर्माण का कार्य अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। समीक्षा के दौरान यह भी सामने आया कि कई स्थानों पर निर्माण कार्यों के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से अनेक गांवों में बीते चार माह से जलापूर्ति बाधित है। जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग एवं संबंधित निर्माण खंडों को निर्देश दिए कि ग्राम कुरकुरू, करथरा, गुढ़ा, सिमरिया, टीहर, धन्जा एवं गिरथान सहित सभी प्रभावित गांवों में क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत जनवरी माह के भीतर कराकर जलापूर्ति सुचारू की जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि पुलिया एवं कल्वर्ट निर्माण के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। भविष्य में ऐसे निर्माण कार्यों के प्राक्कलन में पाइपलाइन शिफ्टिंग को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि लोक निर्माण विभाग किसी भी खुदाई कार्य से पूर्व प्रतिदिन व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से वर्क प्लान साझा करे, जिससे विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके। विद्युत आपूर्ति संबंधी समस्याओं पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि कोटा मुस्तकिल पेयजल योजना के अंतर्गत इंटेकवेल एवं जलशोधन संयंत्र को स्वतंत्र फीडर से जोड़ा जाना आवश्यक है।
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