गोला रेलवे स्टेशन पर करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी आधुनिक सुविधाओं में कमी सामने आ रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत पुनर्विकसित किए गए इस स्टेशन की फसाड लाइटिंग और ग्लो शाइन बोर्ड बंद पाए गए। करीब छह माह पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसका वर्चुअल उद्घाटन किया था। मंगलवार शाम को किए गए निरीक्षण में स्टेशन की फसाड लाइटिंग बंद मिली, जिससे बाहरी दृश्य रंगीन नहीं दिख रहा था। इसके साथ ही, गोला गोकर्णनाथ नाम वाला ग्लो शाइन बोर्ड भी बंद पाया गया। ये लाइट्स स्टेशन के सौंदर्य और पहचान के लिए महत्वपूर्ण हैं। टिकट विंडो पर भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहां मौजूद दो एटीवीएम मशीनों में से केवल एक ही चालू मिली। एक कर्मचारी ने बताया कि दूसरी मशीन लंबे समय से खराब पड़ी है। इससे पहले भी स्टेशन पर कई खामियां सामने आ चुकी हैं। बारिश के दिनों में फॉल सीलिंग डिजाइन से पानी टपकने और शौचालयों में गंदगी मिलने की शिकायतें मिली थीं, जिनका बाद में समाधान कराया गया था। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत गोला गोकर्णनाथ रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास पर 6.65 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। इसी योजना में मैलानी रेलवे स्टेशन पर 8.15 करोड़ रुपये की लागत से विकास कार्य हुए थे। इस संबंध में स्टेशन अधीक्षक ने बताया कि ग्लो शाइन बोर्ड की एलईडी खराब हैं, जिसके लिए दिल्ली से इंजीनियर बुलाकर मरम्मत कराने हेतु पत्र भेजा गया है। फसाड लाइटिंग के बंद होने का कारण जनरेटर पर अधिक लोड बताया गया। उन्होंने कहा कि ये लाइट्स केवल बिजली उपलब्ध होने पर ही जलती हैं।
https://ift.tt/fdr4sKV
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply