कानपुर के साढ़ थाना क्षेत्र के बरईगढ़ गांव में खनन माफियाओं ने एक ऐतिहासिक झील के पास किसान की जमीन खोद डाली। आरोप है कि माफियाओं ने झील के अस्तित्व को मिटाने का प्रयास किया है, वहीं झील से सटी एक बुजुर्ग किसान की 10 बिस्वा जमीन को भी रातोंरात 8 फीट गहरा खोद दिया गया। पीड़ित किसान की पहचान बरईगढ़ निवासी प्रेमनारायण चौरसिया के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि उनकी करीब 10 बिस्वा जमीन झील से लगी हुई है। प्रेमनारायण ने आरोप लगाया है कि गांव के ही बीरू नामक व्यक्ति ने खनन माफियाओं के साथ मिलकर पोकलैंड मशीन और डंपरों की मदद से उनकी जमीन को लगभग आठ फीट गहराई तक खुदवा दिया।
प्रेमनारायण के अनुसार, जब उन्हें घटना की जानकारी मिली और वे अपने खेत पर पहुंचे, तो जमीन को खुदा हुआ देखकर हैरान रह गए। उनका खेत पूरी तरह बर्बाद हो चुका है, जिससे उनके परिवार के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित परिवार ने न्याय के लिए खनन माफियाओं के सामने गुहार लगाई, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। अब उन्होंने प्रशासन और पुलिस से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उनकी जमीन को बचाने की अपील की है।
इस मामले में नरवल के उप जिलाधिकारी (SDM) ने जांच कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि किसान को तहसील आकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि खनन माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सके।
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