झांसी में ऑटो ड्राइवर स्कूली बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ कर रहे हैं। जब एक इंस्पेक्टर ने मासूम बच्चों को ऑटो पर लटकते देखा तो सिपाहियों से ऑटो को रुकवा लिया। इसके बाद अंदर का नजारा देखकर इंस्पेक्टर खुद हैरान रह गए। ऑटो में 18 बच्चों को ठूंस-ठूंसकर भरा गया था। ड्राइवर सीट पर 5 बच्चे बैठे थे। ड्राइवर के अगल-बगल में दो-दो बच्चे बैठे थे, जबकि एक मासूम बच्चे को गोद में लेकर ड्राइवर ऑटो चला रहा था। ऑटो के पीछे बच्चे के बैग भरे थे और 4 बच्चे पीछे लटके हुए थे। यह देख इंस्पेक्टर भड़क गए और ड्राइवर को जमकर लताड़ा। इंस्पेक्टर का गुस्सा देख ड्राइवर हाथ-पैर जोड़कर माफी मांगने लगा। तब इंस्पेक्टर ने दूसरी ऑटो को बुलाया। इसके बाद आधे-आधे बच्चे ऑटो में घर भेजे गए। ऑटो ड्राइवर को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया। मामला बुधवार का है। अब इसका वीडियो वायरल हो रहा है। पूरा मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र का है। स्कूल में प्रोग्राम करके लौट रहे थे प्रेमनगर थाने के पास बने सेंट उमर स्कूल में बुधवार को पुलिस का प्रोग्राम था। इसमें बच्चों को जागरूक किया गया। यहां से प्रेमनगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर तुलसीराम पांडेय थाने लौट रहे थे। तभी उनकी नजर एक ऑटो पर पड़ी। जिसमें पीछे के साइट बच्चे लटके हुए थे। यह देख इंस्पेक्टर ने सिपाहियों से ऑटो को रुकवा लिया। ऑटो के अंदर का नजारा देखकर इंस्पेक्टर हैरान रह गए। जिस ऑटो में अधिकतम 7 से 8 स्कूली बच्चे बैठाए जा सकते हैं, उसमें 18 बच्चे बैठे थे। बच्चे लटके भी थे। इंस्पेक्टर ने ऑटो ड्राइवर को जमकर तलाड़ा। तब वह माफी मांगने लगा और बोला कि आगे से ऐसी गलती नहीं होगी। घटना का 38 सेकेंड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। दूसरी ऑटो बुलाकर भेजे बच्चे प्रेमनगर थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने बताया कि बच्चों को घर पहुंचने में देरी हो रही थी। ऑटो ड्राइवर ने भी गलती मान ली। इसलिए उसे चेतावनी देकर छोड़ा गया है। मौके पर दूसरी ऑटो को बुलाया गया। कुछ बच्चों को ऑटो से उतारकर दूसरी ऑटो में बैठाकर सुरक्षित उनके घर भिजवाया गया। यह चैकिंग आगे भी चलती रहेगी।
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