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आजम-अब्दुल्ला के दो पैनकार्ड मामले में सुनवाई आज:SC अधिवक्ता रामपुर कोर्ट में रखेंगे आजम का पक्ष, एक महीने पहले पिता-पुत्र को 7 साल जेल

रामपुर जिला कारागार में बंद सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आज़म के दो-पैनकार्ड मामले में आज अहम सुनवाई होगी। यह सुनवाई उन सजा के खिलाफ अपील पर हो रही है, जो उन्हें और उनके पिता को इस मामले में मिली थी। आज की सुनवाई में दिल्ली के सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता जुबेर खान अदालत में आज़म खान का पक्ष रखेंगे।सुनवाई के लिए जिला कारागार और कोर्ट परिसर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। पुलिस ने बताया कि अदालत परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। यह मामला वर्ष 2019 का है। तब भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने कोतवाली सिविल लाइंस में अब्दुल्ला आज़म के दो पैनकार्ड रखने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई थी। सज़ा के तीन दिन बाद, 20 नवंबर 2023, पिता-पुत्र की ओर से अधिवक्ता ज़ुबैर अहमद खान ने सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की। बीते 17 नवंबर 2023 को रामपुर की MP/MLA कोर्ट ने अब्दुल्ला आज़म को दो अलग-अलग पैनकार्ड रखने के मामले में दोषी ठहराया था। इसी केस में उनके पिता आजम खान और अब्दुल्ला आज़म को सात-सात साल की सज़ा सुनाई गई थी। दोनों पर पचास-पचास हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। यह सुनवाई आजम खान और अब्दुल्ला आज़म के राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष की दलीलों पर विचार करेगी। कोर्ट का निर्णय अब्दुल्ला आज़म की आगामी चुनावी संभावनाओं और राजनीतिक करियर पर असर डाल सकता है। सीनियर वकील जुबेर खान का कहना है- हमारा पक्ष स्पष्ट है। अब्दुल्ला आज़म का सरेंडर कोर्ट में कराया गया था। उनका कोई दोष सिद्ध नहीं हुआ है। अपील में हम कानून और सबूतों के आधार पर अदालत को पूरे मामले से अवगत कराएंगे। एक महीने पहले 7 साल की सजा रामपुर की MP/MLA कोर्ट ने फर्जी पासपोर्ट मामले में एक महीने पहले ही अब्दुल्ला आजम को 7 साल की सजा हुई थी। 50 हजार का जुर्माना भी लगाया है। रामपुर जेल में बंद अब्दुल्ला वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से कोर्ट में पेश हुए थे। जन्मतिथि में फर्जीवाड़ा करने के मामले में यह उनकी तीसरी सजा थी। 18 दिन पहले फर्जी पैन कार्ड मामले में बाप-बेटे यानी आजम और अब्दुल्ला को 7-7 साल की सजा सुनाई गई थी। 17 नवंबर से दोनों रामपुर जेल में बंद है। इससे पहले, बर्थ सर्टिफिकेट मामले में 2 साल पहले यानी 2023 में आजम और उनकी पत्नी तंजीन और अब्दुल्ला को 7-7 साल की सजा हुई थी। आजम खान 23 सितंबर को ही 23 महीने बाद जेल से जमानत पर बाहर आए थे। 55 दिन बाद ही उन्हें वापस सजा हुई और वह जेल भेज दिए गए। इधर, फर्जी पैन कार्ड मामले में सजा बढ़ाने को लेकर भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने रामपुर कोर्ट में याचिका दायर की है। आकाश के वकील रोहिताश कुमार पांडेय ने कहा- जिन धाराओं में आज़म-अब्दुल्ला को सजा हुई है, उनमें आजीवन कारावास का प्रावधान है, लेकिन 7 साल की सजा दी गई। ऐसे में हमने सजा बढ़ाने की मांग की है। क्या है पासपोर्ट का मामला?
फर्जी पासपोर्ट का मामला 2019 का है। रामपुर में भाजपा नेता आकाश सक्सेना, अब भाजपा विधायक ने सिविल लाइंस थाने में FIR कराई थी। इसमें उन्होंने कहा था- अब्दुल्ला आजम ने धोखे से और जाली दस्तावेजों के आधार पर दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाए और उनका इस्तेमाल किया। एक पासपोर्ट में उनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 है, जो उनके एजुकेशन रिकॉर्ड के अनुसार सही है। जबकि दूसरे पासपोर्ट में 1990 दिखाया गया, जो कि फर्जी है। गलती पर गलती करते रहे आजम और अब्दुल्ला
अब्दुल्ला का जन्मतिथि का पूरा विवाद समझिए… भाजपा नेता के वकील स्वदेश कुमार शर्मा ने बताया- कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को दोषी करार दिया है। उन पर IPC की धारा 420, 467, 468 और 471 के तहत सजा और जुर्माना तय किया गया है। सजा का प्रावधान इस प्रकार है— अगर जुर्माना नहीं भरा जाता है, तो सजा की अवधि बढ़ सकती है। धारा 467 में कोर्ट ने अब्दुल्ला आजम को 7 साल की सजा और ₹50,000 जुर्माना लगाया है। इस धारा में आजीवन कारावास तक का प्रावधान होता है। इस केस में 36 गवाहों की सूची दी गई थी, जिनमें से 19 गवाह कोर्ट में पेश हुए। सबूतों के आधार पर कोर्ट ने माना कि अपराध साबित होता है। इस मामले में अब्दुल्ला आजम एकमात्र आरोपी थे। MP-MLA कोर्ट के जज शोभित बंसल ने फैसला सुनाया है। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, यानी कुल सजा की अवधि नहीं बढ़ेगी। 400 से अधिक पन्नों का फैसला मिलने के बाद अगर जरूरत पड़ी तो सजा बढ़ाने के लिए अपील भी की जा सकती है। अब्दुल्ला के पास ऑप्शन क्या, जानिए अब्दुल्ला को 7 साल की सजा हुई है। 30 दिन के अंदर वो इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। उनके वकील जजमेंट एनालिसिस करेंगे, तमाम बिंदुओं को जांचकर हाईकोर्ट में याचिका दायर करेंगे। आजम के इस मामले में जल्द आ सकता है फैसला
आजम खान के खिलाफ सेना पर दिए गए विवादित बयान का मामला रामपुर कोर्ट में लंबित है। भाजपा विधायक आकाश सक्सेना ने 30 जून 2017 को सिविल लाइंस कोतवाली में केस दर्ज कराया था। तब आजम खान सांसद थे। इस मामले में 8 दिसंबर को बहस होगी, जिसके बाद फैसला सुनाया जाएगा। भाजपा नेता आकाश सक्सेना को जानिए आजम की विधायकी जाने के बाद रामपुर शहर सीट पर 5 दिसंबर, 2022 को उपचुनाव हुए थे। 7 दिसंबर को रिजल्ट घोषित हुआ। इसमें भाजपा प्रत्याशी आकाश सक्सेना ने आजम के करीबी आसिम रजा को 25,703 वोटों से हरा दिया। इससे पहले भी आकाश सक्सेना रामपुर विधानसभा सीट से 2022 में आजम के खिलाफ चुनाव लड़े थे, लेकिन वो हार गए थे। आकाश अब तक 43 मामलों में आजम के खिलाफ सीधे पक्षकार हैं। आकाश सक्सेना पेशे से व्यवसायी और पूर्व मंत्री शिव बहादुर सक्सेना के बेटे हैं। ——————————————— ये खबर भी पढ़िए… वाराणसी में अमिताभ ठाकुर की जमानत पर आज सुनवाई:DJ कोर्ट में अभियोजन देगा दलील, देवरिया जेल में बंद हैं पूर्व IG वाराणसी में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की जमानत अर्जी पर बुधवार को सुनवाई होगी। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने जमानत प्रार्थना पत्र पर उनके वकील अनुज यादव जमानत पर बहस करेंगे। पिछली तारीख पर प्रपत्र अधूरे होने पर विवेचक और अभियोजन ने कोर्ट से दो दिन का समय मांगा था। वारंट ‘बी’ जारी होने के बाद पुलिस ने 19 दिसंबर को अमिताभ ठाकुर को देवरिया जेल से लाकर प्रभारी विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजीव मुकुल पांडेय की अदालत में पेश किया। न्यायिक रिमांड बनने के बाद पुलिस उन्हें वापस लेकर देवरिया चली गई, इधर उनके वकील ने याचिका दायर कर जमानत मांगी है। पूरी खबर पढ़िए…


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