आगरा में सामूहिक दुराचार के गंभीर आरोपों का सामना कर रहे दो भाइयों को अदालत ने बरी कर दिया। मेडिकल जांच में दुराचार की पुष्टि न होने और ठोस साक्ष्य के अभाव में यह फैसला सुनाया गया। थाना ताजगंज क्षेत्र के बसई खुर्द निवासी सगे भाई यशपाल और सुरेश पुत्र चतुरी पर एक महिला ने सामूहिक दुराचार और सोने-चांदी के जेवर चोरी करने के आरोप लगाए थे। वादिनी के अनुसार, करीब दो साल पहले आरोपी उसके घर आए थे। उस समय परिवार के अन्य लोग शादी में गए हुए थे। आरोप था कि प्रसाद खाने के बाद वह बेहोश हो गई और होश आने पर दुराचार हुआ। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि धमकी और कथित फोटो के सहारे उसके साथ कई बार दुराचार किया गया तथा घर से 1 किलो 400 ग्राम सोने और 20 किलो चांदी के जेवर व सिक्के चोरी कर लिए गए। पुलिस ने जांच के बाद दोनों सगे भाइयों के खिलाफ ही आरोप पत्र दाखिल किया। अदालत में पीड़िता, उसके भाई, डॉक्टर शैली सिंह और पुलिस अधिकारियों की गवाही दर्ज हुई। डॉक्टर की मेडिकल रिपोर्ट में दुराचार की पुष्टि नहीं हो सकी। इसके अलावा पुलिस भी आरोपियों से किसी तरह की चोरी की बरामदगी नहीं कर पाई। मामले में प्रस्तुत साक्ष्यों और बचाव पक्ष के अधिवक्ता विनोद कुमार राजपूत की दलीलों को ध्यान में रखते हुए फास्ट ट्रैक कोर्ट-1 के एडीजे यशवंत कुमार सरोज ने साक्ष्य के पूर्ण अभाव में दुराचार के आरोपी सगे भाइयों को बरी करने के आदेश दिए।
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