आगरा के बरहन में कैफे संचालक हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वो किसी कैफे संचालक के ममेरे भाई की हत्या करना चाहते थे, लेकिन उसकी जगह दूसरे को मार डाला। पुलिस ने पुलिस ने पिता-पुत्र सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
डीसीपी वेस्ट अतुल शर्मा ने बताया कि आगरा बरहन थाना क्षेत्र में 19 दिसंबर को पुनीत सिसोदिया का खून से लथपथ शव सड़क किनारे पड़ा मिला था। उसके ममेरे भाई मुकेश चौहान ने केस दर्ज कराया था। पहले इसे हादसा माना जा रहा था। मगर, पुलिस ने जब घटनास्थल के सीसीटीवी जांचे, तो पता चला कि वहां हादसा नहीं हुआ है। पुनीत बाइक से जा रहा था। उसके आसपास से कोई दूसरा वाहन नहीं गुजरा। फिर हादसा कैसे हो सकता है। इसके बाद पुलिस ने मामले में शक के आधार पर भानु प्रताप को पकड़ा। पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपी भानु प्रताप ने पुलिस को बताया कि वो हत्या मुकेश की करना चाहते थे, लेकिन गलती से पुनीत को मौत के घाट उतार दिया। आरोपी ने बताया कि मुकेश और पुनीत कैफे चलाते हैं। मुकेश उसकी शादीशुदा बेटी को परेशान कर रहा था। उसको धमकी देता था कि फोटो वायरल कर देगा। उस पर मिलने के लिए दवाब बनाता था। बेटी परेशान थी। दो साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। ऐसे में उसका घर टूटने की कगार पर आ गया था। बेटी को परेशान देखकर उसने मुकेश की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार भानु प्रताप, उसके बेटे अनुज धाकरे और दो कर्मचारी मोहित और अनिरुद्ध ने इस हत्याकांड को अंजाम दिया। आरोपियों ने पहले मुकेश की रैकी करना शुरू की। इसके बाद 19 दिसंबर को उसकी हत्या करने के लिए चारों निकले। उस दिन मुकेश की बाइक लेकर ममेरा भाई पुनीत कैफे से निकला था। पुनीत ने सर्दी की वजह से मुंह पर स्वाफी बांध रखी थी, जिसकी वजह से आरोपी उसे पहचान नहीं सके। आरोपियों ने बीच रास्ते में पुनीत को रोक लिया। उसे मुकेश समझकर लाठी-डंडे से इस कदर पीटा कि उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकले। पुनीत का शव खून से लथपथ अगले दिन सुबह मिला था। मुकेश की तहरीर पर पुलिस ने हादसे का मुकदमा दर्ज किया, लेकिन सीसीटीवी से इस हत्याकांड का पर्दाफाश हो गया।
https://ift.tt/JKuVzTv
🔗 Source:
Visit Original Article
📰 Curated by:
DNI News Live

Leave a Reply