मिर्जापुर को नई पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में आईपीएस अपर्णा रजत कौशिक मिली हैं। उनकी तैनाती को लेकर जिले में उत्साह है। अपर्णा रजत कौशिक अपनी सख्त कार्यशैली, अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति और महिला सुरक्षा से जुड़े निर्भीक फैसलों के लिए जानी जाती हैं। अपर्णा रजत कौशिक का जन्म 7 मार्च 1991 को उत्तर प्रदेश के रामपुर में हुआ था। उनके पिता, सब रजिस्ट्रार रणवीर सिंह गौतम का निधन उनके जन्म से पहले ही हो गया था। उनकी मां प्रीति गौतम, जो प्रदेश की पहली महिला उच्च शिक्षा निदेशक रह चुकी हैं, ने उन्हें मां और पिता दोनों की भूमिका निभाते हुए पाला। प्रीति गौतम ने 1985 में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन उन्होंने आईएएस सेवा में शामिल नहीं होने का फैसला किया और 2019 में उच्च शिक्षा निदेशक पद से सेवानिवृत्त हुईं। अपर्णा की प्रारंभिक शिक्षा रामपुर शहर में हुई। उन्होंने दयावती मोदी एकेडमी से 10वीं तक की पढ़ाई की और 2006 में हाईस्कूल परीक्षा में स्टेट टॉपर रहीं। उन्होंने बायोटेक्नोलॉजी में बी.टेक की डिग्री हासिल की है। अपर्णा रजत कौशिक उत्तर प्रदेश कैडर की 2015 बैच की आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने 18 लाख रुपये का निजी पैकेज छोड़कर पहले ही प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा उत्तीर्ण की थी। अपने सेवाकाल में वह लखनऊ में डीसीपी, तथा कासगंज, शाहजहांपुर और अमेठी में पुलिस अधीक्षक के पद पर रह चुकी हैं। उनकी सख्त और निष्पक्ष कार्यशैली के कारण उन्हें यूपी पुलिस की ‘लेडी सिंघम’ भी कहा जाता है। अपराधियों के खिलाफ उनकी कठोर कार्रवाई का एक उदाहरण शाहजहांपुर में एसपी रहते हुए सामने आया। उन्होंने एक दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए आरोपी इंस्पेक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की और उसे सजा दिलवाई, जो एक मिसाल बन गया। उन्हें 26 जनवरी 2022 को ‘डायरेक्टर जनरल कमेंडेशन डिस्क सिल्वर’ और 15 अगस्त 2024 को गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया है। उन्होंने वर्ष 2018 में रजत कौशिक से विवाह किया। अपनी शादी में फिजूलखर्ची से बचते हुए उन्होंने उस धन को महिला सहायता समूहों को दान कर समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया था।
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