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UPESKNL का बाबू 50 हजार रूपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार:मेरठ में बिल की एवज में मांगी थी रिश्वत, एंटी करप्शन ने पकड़ा
मेरठ में एंटी करप्शन टीम ने उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड (UPESKNL) के बाबू को 50 हजार रूपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत बिल पास करने की एवज में मांगी गई थी। फिलहाल एंटी करप्शन की टीम बाबू से पूछताछ कर रही है। आईए जानते हैं पूरा मामला
सरधना निवासी संजीव शर्मा आर्मी के ठेके लेते हैं। लगभग 2 महीने पहले उन्होंने जेम पोर्टल से एक ठेका उठाया। काम पूरा करने के बाद उन्होंने बिल लगा दिए लेकिन विभाग का बाबू शक्ति सिंह उनसे बिल पास करने की एवज में पैसे की मांग करने लगा। कई दिन परेशान होने के बाद संजीव ने एंटी करप्शन से शिकायत की जिसके बाद गुरुवार सुबह यह ट्रैप की कार्रवाई की गई। देश बोर्ड में रखा था नोट का पैकेट
एंटी करप्शन ने केमिकल लगे रुपए देकर संजीव शर्मा को डिफेंस एंक्लेव स्थित दफ्तर भेज दिया। संजीव को अपने कुछ बिल भी निकलवाने थे। कुछ देर बात करने के बाद शक्ति सिंह बीड़ी पीने के बहाने संजीव शर्मा को बाहर ले आया। संजीव शर्मा, शक्ति सिंह के साथ अपनी गाड़ी में बैठ गए। शक्ति सिंह ने रुपए मांगे तो संजीव ने डेश बोर्ड की ओर इशारा कर दिया। नोटों की गड्डी निकालकर वापस रख दी
बाबू शक्ति सिंह ने डैशबोर्ड से रुपए वाला लिफाफा निकाल लिया। पूछने पर संजीव ने बताया कि इसमें 50 हजार रूपए हैं। शक्ति सिंह नाराजगी जताने लगा। उसने शेष रुपए के बारे में पूछा तो संजीव ने बताया कि वह थोड़े-थोड़े करके बाकी भी दे देगा। उसके बाद शक्ति सिंह ने वह पैकेट वापस डेश बोर्ड में रख दिया। संजीव ने बोला कि पैकेट जेब में रख लो तो शक्ति सिंह ने थोड़ी देर में निकलने की बात कही। तभी एंटी करप्शन की टीम ने रंगे हाथों शक्ति सिंह को दबोच लिया। स्कूलों में सप्लाई किया जाना था सामान
दैनिक भास्कर से बातचीत में संजीव शर्मा ने बताया कि उन्हें कुछ सरकारी स्कूलों में सामान सप्लाई करना था। ठेके की लागत 14 लाख रुपए थी। सवा महीने में उन्होंने काम पूरा कर बिल लगाने शुरू कर दिए लेकिन शक्ति सिंह ने डिमांड रख दी। भविष्य में ठेका ना मिलने देने की धमकी दी। इसके बाद शक्ति सिंह ने 14 लाख का 15 प्रतिशत यानि 2.15 लाख रूपए की मांग कर दी। 2 दिन पहले एंटी करप्शन में की शिकायत
संजीव शर्मा की अर्जुन एंटरप्राइजेज नाम की फार्म है। पिछले कई दिन से शक्ति सिंह मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। मजबूर होकर दो दिन पहले संजीव ने एंटी करप्शन डिपार्टमेंट में लिखित शिकायत कर दी। एंटी करप्शन की टीम ने ट्रैप की रणनीति तैयार की। गुरुवार सुबह एक कर्मचारी को संजीव के साथ भेजा। जिस वक्त एंटी करप्शन ने शक्ति सिंह को पकड़ा, उस वक्त वह कर्मचारी भी पिछली सीट पर मौजूद था।
खबर जल्द अपडेट होगी…
Sourse: Dainik Bhaskar via DNI News

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