वाराणसी के यूपी कॉलेज में छात्र सूर्य प्रताप सिंह की हत्या कॉलेज की रंगबाजी और रैगिंग के चलते हुई। हत्यारोपी मंजीत चौहान ने पुलिस की पूछताछ पर इसका खुलासा किया। उसने बताया कि सूर्य प्रताप सिंह अपने दोस्तों के साथ मिलकर उसके साथ रैगिंग करता था। उसने पुलिस को बताया कि सूर्यप्रताप सिंह और उसके साथी अक्सर रैगिंग के नाम पर उसे और उसके दोस्तों को परेशान करते व मारपीट करते थे। घटना वाले दिन भी कॉलेज परिसर में उनके बीच कहासुनी और डराने-धमकाने की बात हुई थी। रंजिश और गुस्से में आकर मंजीत और उसके साथी अनुज सिंह ने प्रशासनिक भवन के पास सूर्यप्रताप पर करीब 4-5 राउंड फायरिंग कर दी, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि यह भी सामने आया कि पहले दो बार भी उसका विवाद हो चुका था। उधर, यूपी कालेज में धरनारत छात्रों को समझाने पहुंचे एडीएम आलोक वर्मा की तीखी नोकझोंक हो गई। इसके बाद छात्रों ने अपनी मांगे रखी और परिवार को मुआवजे के साथ नौकरी देने की मांग रखी। अधिकारियों ने मांगपत्र लेकर शासन को भेजने का आश्वासन दिया। पुलिस ने हत्यारोपी मंजीत को कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया, जहां से जज ने उसे 14 दिन के लिए जेल भेज दिया। तस्वीरों में देखे कोर्ट में मंजीत की पेशी… बता दें कि वाराणसी में शुक्रवार रात गिरफ्तारी के बाद हत्यारोपी मंजीत चौहान को शनिवार देर शाम कोर्ट में पेश किा गया। पुलिस उसको घसीटकर कोर्ट रूम में ले गई। वकीलों और छात्रों द्वारा पीटने की आशंका पर उसे दौड़ाने की कोशिश की तो वह लड़खड़ा गया। पुलिसकर्मियों ने हाथ पर टांगकर उसे कोर्ट रूम पहुंचाया। वहीं वापसी में कोर्ट से जेल ले जाते समय जब उसको पुलिस की जीप में बैठाया गया तो मंजीत लंगड़ा रहा था।

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